भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क बदहाल होने का आरोप, ग्रामीणों ने सड़क मरम्मत, फैक्ट्री जांच और प्रकाश व्यवस्था की मांग उठाई
शकील अहमद
सरोजनीनगर (लखनऊ)। राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर क्षेत्र के अलीनगर खुर्द गांव में एक कथित अवैध फैक्ट्री और उससे जुड़े भारी वाहनों की आवाजाही ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गांव को एक ओर गी और दूसरी ओर माती से जोड़ने वाले संकरे मार्ग पर दिन-रात ट्रकों की आवाजाही बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क सिंगल लेन होने के बावजूद लगातार भारी वाहनों के दबाव में है, जिससे पूरी सड़क जगह-जगह से टूटकर खतरनाक हो चुकी है।

ग्रामीणों के अनुसार कई स्थानों पर तीन से चार फीट गहरे गड्ढे बन गए हैं। बरसात या पानी भर जाने के बाद इन गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इसी कारण आए दिन ग्रामीण, विशेषकर बुजुर्ग और बच्चे, फिसलकर गिर जाते हैं और चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चे गुजरते हैं।

सुबह और दोपहर के समय, जब बच्चों का आना-जाना होता है, तब भारी ट्रकों की आवाजाही और सड़क की बदहाल स्थिति उनके लिए बड़ा खतरा बन जाती है। उनका कहना है कि कई बार बच्चे गड्ढों में गिर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। लोगों का कहना है कि शिकायत किससे करें और कहां करें, यह भी स्पष्ट नहीं है, क्योंकि जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि पिछले 15 वर्षों में इस सड़क का समुचित निर्माण नहीं हुआ है। केवल एक बार रातों-रात पैचिंग का कार्य कराया गया था, वह भी इसलिए क्योंकि उस मार्ग से विद्यालय के एक कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथियों के आने की संभावना थी। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बाद न तो सड़क की मरम्मत कराई गई और न ही नियमित देखरेख की गई। परिणामस्वरूप आज यह मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है।
गांव के एक अंधेरे हिस्से की स्थिति भी बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। वहां सड़क पर गड्ढे हैं और एक ओर नहर बहती है। ग्रामीणों के प्रयासों के बाद वहां लाइट तो लगाई गई, लेकिन उसका विद्युत कनेक्शन नहीं जोड़ा गया, जिसके कारण वह कभी जल नहीं सकी। अंधेरा होने के कारण यह स्थान छोटी बच्चियों और स्कूली बच्चों के लिए और भी खतरनाक बन गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कथित अवैध फैक्ट्री की जांच कराई जाए, भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाए, सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए तथा अंधेरे वाले हिस्से में स्थायी प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके।













