रायबरेली। महिला कल्याण विभाग द्वारा जिलाधिकारी हर्षिता माथुर के निर्देशानुसार और जिला प्रोबेशन अधिकारी जयपाल वर्मा के कुशल मार्गदर्शन में शनिवार को दहेज प्रतिषेध एवं बाल विवाह दिवस के अवसर पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम सखी वन स्टॉप सेंटर के सहयोग से उत्कर्ष इंटर कॉलेज, बछरावां में आयोजित हुआ, जिसमें छात्र-छात्राओं को दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 के तहत शपथ भी दिलाई गई।
कार्यक्रम के दौरान सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रबंधक आस्था ज्योति और मनोसामाजिक परामर्शदाता श्रद्धा सिंह ने दहेज को सामाजिक हिंसा का रूप बताते हुए कहा कि इसकी रोकथाम प्रत्येक व्यक्ति की सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि दहेज लेने और देने से समाज में असमानता बढ़ती है, इसलिए ऐसी प्रथाओं को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। साथ ही दहेज मांगने या देने वालों के सामाजिक बहिष्कार की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
वक्ताओं ने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने, युवा वर्ग में सकारात्मक मानसिकता विकसित करने और पुरानी कुप्रथाओं को छोड़ने के लिए प्रेरित किया। छात्राओं को मासिक धर्म से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई तथा उन्हें सेनेटरी पैड वितरित किए गए। वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली और उपलब्ध सेवाओं की विस्तृत जानकारी भी साझा की गई।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को बाल विवाह रोकथाम के संबंध में भी जागरूक किया गया। इसके साथ ही निबंध, रंगोली, पोस्टर पेंटिंग आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें प्रतिभाग करने वाले बच्चों को मेडल, कप और सीनरी देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की प्रधानाचार्या, शिक्षिकाओं तथा वन स्टॉप सेंटर की सदस्य दीप्ति मिश्रा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।












