Wednesday, 21 October 2026 nishpakshdarpan.com

निष्पक्ष दर्पण

Wednesday
21 October 2026
उत्तर प्रदेश • भारत • विश्व
ताज़ा खबर
आर्यवीर सहवाग ने अंडर-19 में जड़ा तूफानी शतकभुवनेश्वर कुमार की टीम इंडिया में हुई वापसीलखनऊ में डेंगू के मरीज बढ़े, विभाग ने चेतायासीसा जोखिम पर WHO ने देशों को चेतायाराजनाथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले अखिलेश का तंज17 राज्यों में मतदाता सूची संशोधन का आदेश जारीराजपाल यादव को राहत, पासपोर्ट जारी करने के आदेशजेलर 2 ने पहले दिन कमाए 125 करोड़ रुपयेआर्यवीर सहवाग ने अंडर-19 में जड़ा तूफानी शतकभुवनेश्वर कुमार की टीम इंडिया में हुई वापसीलखनऊ में डेंगू के मरीज बढ़े, विभाग ने चेतायासीसा जोखिम पर WHO ने देशों को चेतायाराजनाथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले अखिलेश का तंज17 राज्यों में मतदाता सूची संशोधन का आदेश जारीराजपाल यादव को राहत, पासपोर्ट जारी करने के आदेशजेलर 2 ने पहले दिन कमाए 125 करोड़ रुपये
उत्तर प्रदेश

रायबरेली में मिशन शक्ति के तहत घरेलू हिंसा और दहेज उन्मूलन पर जागरूकता चौपाल का आयोजन, महिलाओं को मिली कानूनी अधिकारों की जानकारी

दिनांक: Friday, 24 October 2025 | समय: 11:57 PM | लेखक: | श्रेणी: उत्तर प्रदेश, रायबरेली

रायबरेली। जिलाधिकारी हर्षिता माथुर के निर्देशानुसार मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत घरेलू हिंसा/दहेज उन्मूलन थीम पर ब्लॉक हरचंदपुर के ग्राम कठवारा में जागरूकता चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, आत्मसुरक्षा और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करना था।

महिला कल्याण विभाग की यूनिट हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन से शेफाली सिंह, जिला मिशन कोऑर्डिनेटर (जेंडर) द्वारा घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 और दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 के प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

उन्होंने बताया कि यदि किसी महिला पर घरेलू हिंसा होती है तो वह 60 दिनों के भीतर दीवानी उपचार प्राप्त कर सकती है। यह कानून केवल विवाहित महिलाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि माताएं, बहनें, विधवाएं या वे महिलाएं जो दुर्व्यवहार करने वाले के साथ रह रही हैं, सभी इस अधिनियम के तहत कानूनी संरक्षण की हकदार हैं।

दहेज उन्मूलन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि “दहेज मांगना या देना दोनों ही अपराध हैं। दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धारा 4 के अनुसार दोषी पाए जाने पर छह महीने से दो वर्ष तक का कारावास और ₹10,000 तक का जुर्माना हो सकता है।”

शिक्षा, जागरूकता और आत्मनिर्भरता से बदलेगी मानसिकता

शेफाली सिंह ने कहा कि दहेज प्रथा को समाप्त करने के लिए समाज में शिक्षा, जागरूकता और मानसिकता परिवर्तन जरूरी है। उन्होंने कहा कि “बेटियों को सशक्त बनाना, उन्हें अच्छी शिक्षा और करियर के अवसर देना ही असली परिवर्तन की शुरुआत है। विवाह को व्यावसायिक सौदा नहीं, बल्कि सम्मान और विश्वास का रिश्ता माना जाना चाहिए।”

सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई

कार्यक्रम में जेंडर स्पेशलिस्ट पूजा तिवारी ने शासन की विभिन्न योजनाओं मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, और स्पॉन्सरशिप योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 181 के बारे में भी बताया, जिससे किसी भी महिला को तुरंत सहायता मिल सकती है।

ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम में ग्राम पंचायत अधिकारी सोमेंद्र सिंह, लाल जी, ग्राम की महिलाओं, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। सभी ने इस पहल को सराहा और समाज में महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।

संबंधित ख़बरें

रायबरेली

रामपाल सिंह स्मृति लॉ कॉलेज में विदाई एवं स्वागत समारोह संपन्न, विद्यार्थियों को न्याय और संविधान के प्रति समर्पण का संदेश

02 August 2026

अतुल जौहरी रायबरेली। रामपाल सिंह स्मृति लॉ कॉलेज में रविवार को पंचम बैच के छात्र-छात्राओं के सम्मान में आयोजित विदाई…

अपनी राय लिखें

Your email address will not be published. Required fields are marked *