पद पर नहीं, फिर भी जनता के बीच सक्रिय पूर्व विधायक राकेश सिंह, रात करीब दो बजे लौटते हैं घर

खीरों ब्लॉक परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जरूरतमंद बुजुर्गों और महिलाओं को वितरित किए घरेलू उपयोग के वस्त्र, देर रात तक क्षेत्र में लोगों से मुलाकात कर सुनते रहे समस्याएं
शुभम शर्मा
खीरों, रायबरेली। जनप्रतिनिधि की पहचान केवल पद और प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि जनता के बीच उसकी मौजूदगी और लोगों के सुख-दुख में भागीदारी से भी होती है। इसी भावना के साथ हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक राकेश सिंह लगातार क्षेत्र के लोगों के बीच पहुंचकर उनसे संवाद कर रहे हैं। निजी व्यस्तताओं को पीछे छोड़कर वह लोगों की समस्याएं सुनने और जरूरतमंदों का हाल जानने के लिए देर रात तक समय दे रहे हैं।
खीरों ब्लॉक परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक राकेश सिंह ने आर्थिक रूप से कमजोर बुजुर्गों और महिलाओं को घरेलू उपयोग के वस्त्र वितरित किए। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जरूरतमंद परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उनकी समस्याएं सुनीं।
कार्यक्रम के बाद भी उनका जनसंपर्क अभियान जारी रहा। वह क्षेत्र में लोगों के बीच पहुंचकर उनकी परेशानियों और जरूरतों को सुनते रहे। बताया जाता है कि दिनभर की व्यस्तता और देर रात तक जनता के बीच रहने के बाद राकेश सिंह करीब रात दो बजे अपने घर पहुंचते हैं।
खास बात यह है कि वर्तमान में किसी संवैधानिक पद पर नहीं होने के बावजूद उनका क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहना चर्चा का विषय बना हुआ है। निजी कामकाज और व्यस्त दिनचर्या के बीच जनता के लिए समय निकालना उनके निरंतर जनसंपर्क प्रयास को दर्शाता है।
राजनीति में पद और जिम्मेदारियां बदलती रहती हैं, लेकिन जनता के साथ संवाद और जुड़ाव बनाए रखना किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए महत्वपूर्ण होता है। राकेश सिंह की देर रात तक चलने वाली जनसंपर्क गतिविधियां इसी जुड़ाव को लेकर क्षेत्र में चर्चा में हैं। अब लोगों की समस्याओं को सुनने के साथ उनके समाधान की दिशा में होने वाले प्रयास भी इस सक्रियता की अहम कसौटी होंगे।
