रायबरेली के खीरों में ओयो होटल को लेकर हंगामा, पुलिस की कार्रवाई पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

- हाईवे किनारे संचालित अवैध ओयो होटल का ग्रामीणों ने किया पर्दाफाश
- लगातार दूसरे दिन सूचना पर पहुंचे प्रभारी इंचार्ज ने उल्टा ग्रामीणों को धमकाया
- पहले दिन होटल से पकड़े गए 12 लोगों को लेनदेन कर एसआई ने छोड़ा
रायबरेली। खीरों थाना क्षेत्र में लालगंज-उन्नाव हाईवे के किनारे केसौली गांव के पास स्थित तीन मंजिला इमारत में कथित रूप से अवैध तरीके से ओयो होटल संचालित किए जाने को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया। ग्रामीणों का आरोप है कि होटल में अनैतिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं और इसकी शिकायत करने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। मामले में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए हैं। वहीं, प्रभारी चौकी इंचार्ज कुलदीप सिंह बुंदेला ने मामले की जांच कर कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
ग्रामीणों के अनुसार, दो दिन पहले उन्हें हाईवे किनारे संचालित इस होटल के बारे में जानकारी हुई थी। इसके बाद सोमवार को पुलिस को सूचना दी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने होटल से छह महिलाओं और छह पुरुषों समेत कुल 12 लोगों को पकड़ा, लेकिन सभी को उसी दिन शाम तक छोड़ दिया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इन लोगों को लेनदेन के बाद छोड़ा गया। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे केसौली गांव के दो सौ से अधिक ग्रामीण लालगंज-उन्नाव हाईवे पर राजमहल पैलेस नाम से संचालित होटल के पास एकत्र हो गए। ग्रामीण होटल को बंद कराने की मांग कर रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे उपनिरीक्षक ने ग्रामीणों को हटने के लिए कहा। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने उनके विरुद्ध हाईवे जाम करने के मामले में मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी। इससे मौके पर विरोध और बढ़ गया।
ग्रामीणों के विरोध के बीच पुलिस होटल से दो महिलाओं और दो पुरुषों को पकड़कर थाने ले गई। मौके से एक अपाचे बाइक और एक इलेक्ट्रिक स्कूटर भी जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है।
पूर्व प्रधान एवं प्रशासक ने पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल
केसौली गांव के पूर्व प्रधान एवं प्रशासक अशोक कुमार ने बताया कि उनके अनुसार, होटल का संचालन थाना क्षेत्र के रानीपुर गांव निवासी व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि होटल संचालकों की पुलिस से सांठगांठ है और इसी वजह से होटल का संचालन जारी है।
अशोक कुमार ने बताया कि सोमवार सुबह भी पुलिस को होटल के संचालन की सूचना दी गई थी। उनके अनुसार, मौके पर पहुंचे प्रभारी चौकी इंचार्ज कुलदीप सिंह बुंदेला ने छह महिलाओं और छह पुरुषों को पकड़ा था, लेकिन सभी को शाम तक छोड़ दिया गया। उन्होंने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित पुलिसकर्मी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
इमारत किराये पर लेकर होटल चलाने का आरोप
ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि हाईवे किनारे स्थित तीन मंजिला इमारत भगवान बक्श खेड़ा मजरे सकतपुर निवासी प्रदीप यादव की है। ग्रामीणों के आरोप के मुताबिक, थाना क्षेत्र के रानीपुर गांव निवासी अखिलेश यादव पुत्र शिव शंकर यादव और मनोज यादव पुत्र मेडीलाल यादव ने इमारत किराये पर लेकर उसमें ओयो होटल संचालित किया है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि होटल के संचालन की शिकायत करने वालों को संचालकों की ओर से एक सप्ताह के भीतर मारपीट करने की धमकी दी जा रही है। ग्रामीणों ने प्रभारी चौकी इंचार्ज कुलदीप सिंह बुंदेला की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।