बृजमनगंज में अचानक बंद हो रहे लिथियम बैटरी वाले ई-रिक्शा, चालकों ने उठाई जांच की मांग

  • मोबाइल ऐप से लिथियम बैटरी लॉक होने का दावा, चालकों की रोजी-रोटी पर पड़ रहा असर

सौरभ जायसवाल

बृजमनगंज, महराजगंज। बृजमनगंज क्षेत्र में पिछले चार-पांच दिनों से लिथियम बैटरी से संचालित ई-रिक्शों के अचानक बंद होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। आधा दर्जन से अधिक ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि मोबाइल ऐप के माध्यम से बैटरी लॉक हो जाने के कारण उनके वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो जा रहे हैं। चालकों का दावा है कि पिछले कुछ दिनों में इस तरह की समस्या दर्जनों ई-रिक्शों में देखने को मिली है।

चालकों के अनुसार, बैटरी लॉक होने के बाद ई-रिक्शा पूरी तरह ठप हो जाता है। उसे दोबारा चालू कराने के लिए संबंधित डीलर या कंपनी से संपर्क करना पड़ता है। कई बार सवारी लेकर चलते समय ही ई-रिक्शा अचानक बंद हो जाता है, जिससे यात्रियों को असुविधा होने के साथ ही चालकों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।

ई-रिक्शा चालक शिवपूजन, राजू, प्रमोद समेत अन्य चालकों ने प्रशासन से मामले की जांच कराने और समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि बार-बार ई-रिक्शा बंद होने की समस्या के कारण उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है।

यदि अचानक बंद हो जाए ई-रिक्शा तो क्या करें?

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले वाहन की बैटरी, मुख्य स्विच और फ्यूज की जांच करें। यदि सब कुछ सामान्य है और वाहन फिर भी चालू नहीं हो रहा है तो यह संभव है कि वाहन डिजिटल लॉक मोड में चला गया हो।

ऐसी स्थिति में वाहन के निर्माता, डीलर या अधिकृत सर्विस सेंटर से संपर्क करें। यदि वाहन में स्मार्ट कंट्रोल ऐप का उपयोग होता है तो उसी आधिकारिक ऐप में लॉग-इन कर अधिकृत खाते से वाहन को अनलॉक किया जा सकता है। यदि स्वयं इस प्रक्रिया की जानकारी न हो तो किसी प्रशिक्षित तकनीशियन की मदद लें।

किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बताई गई ऐप डाउनलोड करने या अपना ओटीपी और पासवर्ड साझा करने से बचें।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

ई-रिक्शा खरीदने के बाद डिफॉल्ट पासवर्ड तुरंत बदलें। वाहन से जुड़ी मोबाइल ऐप केवल मालिक के मोबाइल में ही रखें। ओटीपी, यूजर आईडी या पासवर्ड किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें।

ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि यदि तकनीकी या डिजिटल लॉकिंग की यह समस्या समय रहते दूर नहीं की गई तो उनकी आजीविका पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित कंपनियों से मामले का संज्ञान लेकर समस्या की जांच कराने तथा स्थायी समाधान उपलब्ध कराने की मांग की है।

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