सत्यार्थ हॉस्पिटल मौत मामला: अदिति सिंह की पहल पर तीन सदस्यीय जांच समिति गठित

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  • सीएमओ लखनऊ ने विशेषज्ञ चिकित्सकों की समिति बनाई, एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट, पीड़ित परिवार और अस्पताल प्रबंधन से मांगे गए दस्तावेज

रायबरेली/लखनऊ। लखनऊ स्थित सत्यार्थ हॉस्पिटल में उपचार के दौरान रायबरेली निवासी स्वर्गीय लालजी सोनकर की हुई मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। रायबरेली सदर विधायक अदिति सिंह द्वारा मामले को गंभीरता से उठाए जाने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ), लखनऊ ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेषज्ञ चिकित्सकों की समिति का गठन किया है।

सीएमओ कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, गठित समिति को मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा अभिलेख, उपचार प्रक्रिया, चिकित्सकीय मानकों का पालन तथा अन्य संबंधित तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा।

जांच समिति ने पीड़ित परिवार और सत्यार्थ हॉस्पिटल प्रबंधन दोनों को आवश्यक दस्तावेज, मेडिकल रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।

बताया जा रहा है कि रायबरेली सदर विधानसभा क्षेत्र के आस्तिक नगर (बरई का पुरवा) निवासी लालजी सोनकर का उपचार लखनऊ के सत्यार्थ हॉस्पिटल में चल रहा था। उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में कथित लापरवाही के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी। इन आरोपों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

सदर विधायक अदिति सिंह ने कहा कि किसी भी मरीज के जीवन के साथ लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। उन्होंने त्वरित कार्रवाई के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिलाधिकारी और लखनऊ प्रशासन का आभार भी व्यक्त किया।

स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच से न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं पूरे मामले पर लोगों की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उपचार के दौरान निर्धारित चिकित्सकीय मानकों का पालन हुआ था या नहीं और यदि कोई लापरवाही पाई जाती है तो उसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी।

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