रायबरेली में AAP का प्रदर्शन, सोनम वांगचुक के समर्थन में शहीद चौक पर धरना, केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

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  • जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के समर्थन में आम आदमी पार्टी का धरना, नेताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों और युवाओं के मुद्दों पर सरकार को घेरा

रायबरेली। आम आदमी पार्टी द्वारा आज शहीद चौक पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में तथा दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपने अधिकारों की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे नौजवानों के समर्थन में विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया।

धरने में पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज़ को बलपूर्वक दबाने का प्रयास संविधान की आत्मा पर सीधा प्रहार है। वक्ताओं ने कहा कि यदि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध भी सुरक्षित नहीं रहेगा, तो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था गंभीर संकट की ओर बढ़ेगी।

धरने को संबोधित करते हुए सदर विधानसभा प्रभारी एवं जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह ने कहा कि जिस प्रकार दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपने अधिकारों की मांग कर रहे युवाओं के साथ कथित रूप से पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रतिकूल है।

उन्होंने कहा कि यदि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भीतर लोकतांत्रिक मर्यादाओं और नैतिक उत्तरदायित्व का बोध शेष है, तो केवल शिक्षा मंत्री से जवाब मांगने के बजाय स्वयं देश की जनता के प्रति अपनी जवाबदेही स्वीकार करें।

उन्होंने कहा कि आज देश का छात्र आत्महत्या करने को मजबूर है, सरकारी नौकरियां लगातार घट रही हैं, महंगाई चरम पर है और युवाओं का भविष्य अनिश्चितता के अंधकार में धकेला जा रहा है।

श्री सिंह ने कहा, “जो सरकार अपने नौजवानों की आवाज़ सुनने के बजाय उन्हें चुप कराने का प्रयास करती है, वह लोकतंत्र की नहीं, अहंकार की सरकार कहलाती है। संविधान ने जनता को प्रश्न पूछने का अधिकार दिया है और उस अधिकार का सम्मान करना हर सरकार का दायित्व है।”

उन्होंने कहा कि “जिनके महलों में उजालों का बसेरा होगा, उनको क्या दर्द अंधेरों का पता होगा। वक्त जब करवट बदलता है जनाब, तख़्त भी गिरते हैं और ताज भी बिखर जाते हैं।”
क्रांतिकारी राममोहन श्रीवास्तव ‘रामू’ ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि देश का नौजवान आज रोजगार, शिक्षा और सम्मान की लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन सत्ता उसके सवालों का उत्तर देने के बजाय उसे डराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि सत्ता की ताकत जनता की इच्छा से बड़ी कभी नहीं हुई।

श्री श्रीवास्तव ने कहा, “सरकारें आती हैं और चली जाती हैं, लेकिन जनता का न्याय शाश्वत होता है। जो आज वर्दी और सत्ता के बल पर लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन कर रहे हैं, उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि समय का चक्र सबका हिसाब करता है। कानून का राज किसी व्यक्ति या दल की जागीर नहीं है।”

प्रदेश उपाध्यक्ष इन्द्रमोहन सिंह ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश आज बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा संकट और सामाजिक असमानता जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है, लेकिन सरकार जनहित के मूल प्रश्नों से ध्यान भटका रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र में विरोध को दबाना किसी भी लोकतांत्रिक सरकार की कमजोरी का संकेत है।

श्री इन्द्रमोहन सिंह ने कहा, “लोकतंत्र में जनता मालिक होती है और सरकार सेवक। यदि सेवक ही मालिक की आवाज़ दबाने लगे, तो यह संविधान की भावना के विपरीत है। सत्ता का अहंकार इतिहास में कभी स्थायी नहीं रहा।”

उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा और आम आदमी पार्टी संविधान तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।

इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के रवि द्विवेदी, दीपक गुप्ता, पुनीत सिंह जगधारी, नीतू सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।
सभा के अंत में पार्टी नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि सरकारें आती हैं, सरकारें जाती हैं, लेकिन जनता की अदालत सबसे बड़ी अदालत होती है।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को एक दिन कानून और जनता के सामने जवाब देना पड़ेगा। सत्ता किसी की स्थायी नहीं होती, लेकिन संविधान और लोकतंत्र की शक्ति सदैव सर्वोपरि रहती है।

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