आम जनमानस बेेहाल,गल्लामंडी से रतापुर तक का सफर जानलेवा से कम नहीं?
सह संपादक एसके सोनी
-500 मीटर का सफर बना जानलेवा, सड़क में गड्ढे या गड्ढों में सड़क?
-बारिश के बाद जलभराव ने बढ़ाई राहगीरो के लिये मुसीबत, गिरकर चोटिल हो रहे राहगीरो ने नगर पालिका और प्रशासन की अनदेखी पर उठाए सवाल
रायबरेली। सभी टैक्स देने के बाद भी वाहन चालक या आम जनमानस सबके लिए सर दर्द बनी यह गल्ला मडी रोड पर सवाल खड़े करना और लाजमी है, क्योंकि बारिश के बाद जलभराव से बढ़ी राहगीरो के लिये आवागमन की मुसीबत के साथ साथ गिरकर चोटिल हो रहे राहगीरो ने नगर पालिका और प्रशासन की अनदेखी पर सवाल उठाना गलत नहीं होगा?
ज्ञात हो कि यूपी के रायबरेली शहर के नगर पालिका क्षेत्र में आने वाला मुख्य मार्ग vip रतापुर चौराहे से गल्ला मंडी तक का करीब 500 मीटर लंबा मार्ग इन दिनों राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। लगातार हो रही बारिश के चलते सड़क पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
पानी के नीचे छिपे गहरे गड्ढे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए हादसे का खतरा बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं, जिम्मेदार विभाग अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं खोज पाया।
स्थानीय निवासियों की बने तो यह समस्या कोई नई नहीं कहीं जा सकती है क्योंकि पिछले कई वर्षों से सड़क की हालत ऐसे ही खराब है। लोगों का दावा है कि करीब 500 मीटर के इस मार्ग पर छोटे-बड़े मिलाकर हजारों गड्ढे हो चुके हैं। बारिश के दौरान जब सड़क पर पानी भर जाता है तो गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालक अचानक गड्ढे में गिरकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।
भारी वाहनों पर रोक बावजूद नहीं सुधरी सड़क, जनता में आक्रोश
स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क की खराब हालत को देखते हुए इस मार्ग पर बड़े वाहनों का प्रवेश भी प्रतिबंधित किया गया है। इसके बावजूद सड़क की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ। सवाल यह उठ रहा है कि जब बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक के बावजूद सड़क इतनी जर्जर हो गई है, तो आखिर इसके रखरखाव की जिम्मेदारी कौन निभा रहा है?
बड़े-बड़े गड्ढे में जलभराव से बढ़ा जानलेवा हादसे की वजह
स्थानीय लोगों ने सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर नाराजगी देखने को मिली है उनका कहना है कि बारिश के दिनों में स्थिति अधिक दयनीह हो चुकी है। सड़क पर भरे पानी के कारण गड्ढे दिखाई न देने के चलते राहगीर अनुमान के सहारे रास्ता पार करने को मजबूर हैं। कई लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं।
प्रशासन की चुप्पी के बाद जनमानस की प्रशासन से मांग
स्थानीय लोगों ने नगर पालिका और जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराकर सड़क के गड्ढों को भरवाया जाए और मार्ग का स्थायी निर्माण कराया जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार नगर पालिका या प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार है।
