लखनऊ में बंद मकानों को निशाना बनाने वाला गिरोह पकड़ा गया, 7.5 लाख के जेवर और नकदी बरामद

कृष्णानगर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर दो बाल अपचारियों को पुलिस संरक्षण में लिया
7.5 लाख रुपये के आभूषण, 13,800 रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद
शकील अहमद
कृष्णानगर (लखनऊ)। राजधानी लखनऊ के कृष्णानगर थाना क्षेत्र में बंद मकानों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में एक शातिर आरोपी राज कश्यप को गिरफ्तार किया है, जबकि दो बाल अपचारियों को पुलिस संरक्षण में लिया गया है।
आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई ज्वैलरी, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7.5 लाख रुपये बताई गई है, 13,800 रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद हुई है।
पुलिस के मुताबिक, पुलिस आयुक्त लखनऊ तरुण गाबा और संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) अपर्णा कुमार के निर्देश पर अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) मो. मुश्ताक के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) रल्लापल्ली वसंथ कुमार के पर्यवेक्षण और सहायक पुलिस आयुक्त कृष्णानगर लक्ष्मण वर्मा के मार्गदर्शन में प्रभारी निरीक्षक कृष्णानगर प्रद्युम्न कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई थी।
पुलिस के अनुसार, 31 अक्टूबर 2026 को इन्द्रलोक, कृष्णानगर निवासी प्रदीप कुमार श्रीवास्तव पुत्र स्वर्गीय जे.के. श्रीवास्तव ने तहरीर देकर बताया था कि अज्ञात चोर उनके घर से ज्वैलरी और नकदी चोरी कर ले गए हैं। इस सूचना पर थाना कृष्णानगर में मुकदमा संख्या 0455/2026, धारा 305(ए) और 331(4) बीएनएस के तहत अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उपायुक्त दक्षिणी के निर्देशन में तीन पुलिस टीमों का गठन किया गया। टीमों ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचना तंत्र और मैनुअल जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए 7 नवंबर 2026 को राज कश्यप को गिरफ्तार कर लिया। दो बाल अपचारियों को भी पुलिस संरक्षण में लिया गया।
कबाड़ बीनने के दौरान बंद मकानों की करते थे रेकी
पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि वे तीनों कबाड़ बीनने का काम करते हैं। इसी दौरान ऐसे मकानों की रेकी करते थे, जिनमें ताला लगा हो और कोई व्यक्ति मौजूद न हो। ऐसे घरों को चिह्नित करने के बाद रात के समय उनमें घुसकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
आरोपी के मुताबिक, करीब छह-सात दिन पहले यातायात पार्क के पास स्थित एक बंद मकान को चिह्नित किया गया था। इसके बाद तीनों ने आपस में योजना बनाकर चोरी की घटना को अंजाम दिया। चोरी की गई नकदी और आभूषणों को आपस में बांटने के बाद वे मौके से फरार हो गए थे। आरोपी ने बताया कि बरामद सामान को बेचने के लिए ले जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी और बाल अपचारियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की गई है। आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
