रायबरेली: होटल का विरोध करने वाले केसौली प्रशासक पर मुकदमा, पुलिस की कार्रवाई पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

- केसौली के राज पैलेस होटल को लेकर विवाद, नाबालिग से जुड़े मामले में दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई, ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाए आरोप
रायबरेली। खीरों थाना क्षेत्र के लालगंज-उन्नाव हाईवे के किनारे केसौली गांव के पास संचालित एक होटल को लेकर विवाद गहरा गया है। होटल में कथित अनैतिक गतिविधियों का विरोध करने वाले केसौली प्रशासक एवं पूर्व ग्राम प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं, एक नाबालिग लड़की से जुड़े मामले में पुलिस ने होटल मैनेजर और एक अन्य युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले में ग्रामीणों ने पुलिस पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने के आरोप लगाए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को होटल में कथित गतिविधियों की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। आरोप है कि इस दौरान प्रभारी इंचार्ज ने विरोध कर रहे पूर्व ग्राम प्रधान को मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी थी। मंगलवार देर शाम शुभम निर्मल की तहरीर पर पुलिस ने होटल मैनेजर मनोज कुमार और राज चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की।
वादी शुभम निर्मल पुत्र दिलीप निर्मल, निवासी धानी खेड़ा, थाना बारासगवर, जिला उन्नाव ने आरोप लगाया कि राज चौधरी पुत्र राजेश चौधरी, निवासी गोगेमऊ, थाना लालगंज और होटल मैनेजर मनोज कुमार पुत्र मेडीलाल यादव, निवासी रानीपुर, थाना लालगंज ने उसकी 17 वर्षीय नाबालिग बहन को शादी का झांसा देकर बहलाया-फुसलाया और केसौली स्थित राज पैलेस होटल में ले गए। शिकायत में होटल के रजिस्टर में नाबालिग का नाम गलत तरीके से दर्ज करने और उसे होटल में ठहराने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर संबंधित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की।
दूसरी ओर, होटल का विरोध कर रहे केसौली प्रशासक अशोक कुमार और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रभारी इंचार्ज कुलदीप सिंह बुंदेला के अनुसार, मौके पर पहुंचकर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और गाली-गलौज करने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है।
होटल सील, अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं दिखा सका प्रबंधन
मामले की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम लालगंज और क्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंचे। खबर के अनुसार, अधिकारियों ने राज पैलेस होटल को सील कर दिया। बताया गया कि होटल मैनेजर अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्रस्तुत नहीं कर सका। होटल को सील किए जाने और आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक अभिलेखों से पुष्टि की जानी चाहिए।
ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि सोमवार को भी होटल में कथित आपत्तिजनक गतिविधियों का विरोध किया गया था। उनका दावा है कि उस दिन पुलिस ने मौके से छह जोड़ों को पकड़ा था, लेकिन देर शाम तक उन्हें कथित तौर पर पैसे लेकर छोड़ दिया गया। ग्रामीणों ने मंगलवार को भी मौके से एक जोड़े को पकड़े जाने और उसे कथित रूप से पैसे लेकर छोड़ने का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि होटल की गतिविधियों का विरोध करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने और होटल प्रबंधन के विरुद्ध शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। उनका सवाल है कि यदि होटल में नियमों का उल्लंघन हो रहा था, तो उसकी जांच और कार्रवाई किस आधार पर की गई तथा शिकायत करने वाले पक्ष के विरुद्ध दर्ज मुकदमे के तथ्य क्या हैं?
प्रभारी इंचार्ज की कार्यशैली पर सवाल
केसौली के राज पैलेस होटल को लेकर सामने आए विवाद ने स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यशैली पर बहस छेड़ दी है। एक ओर नाबालिग लड़की से जुड़े गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई है, वहीं दूसरी ओर होटल का विरोध करने वाले प्रशासक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हुआ है। ऐसे में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और सभी पक्षों के आरोपों की तथ्यात्मक पड़ताल जरूरी है।
फिलहाल मामले में पुलिस की ओर से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अशोक कुमार और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ गाली-गलौज एवं जातिसूचक शब्दों के प्रयोग के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।