लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटरों में विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए ₹206.00 लाख (दो करोड़ छह लाख रुपये) की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति राज्य कृषि विकास योजना (SADP) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पुनर्विनियोग के माध्यम से दी गई है।
यह धनराशि अनुदान संख्या-11 के लेखाशीर्षक 2401-फसल कृषि कर्म (00-800-अन्य व्यय) के अंतर्गत कृषि क्षेत्र की क्षमता, कौशल विकास एवं उत्पादन वृद्धि योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण विभाग को उपलब्ध कराई गई है। इस संबंध में आवश्यक शासनादेश उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी कर दिया गया है।
दिशा-निर्देशों के अनुसार होगा व्यय
जारी शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृत धनराशि का आहरण एवं व्यय अनुमोदित कार्ययोजना, निर्धारित गाइडलाइन्स तथा वित्तीय नियमों के अनुरूप ही किया जाएगा। पूर्व में जारी धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र एवं व्यय विवरण शासन को प्रस्तुत किए जाने के उपरांत ही इस धनराशि का उपयोग किया जा सकेगा। साथ ही नियोजन विभाग के निर्देशों एवं स्वीकृत परियोजना प्रारूप का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।
जिम्मेदारी तय
शासनादेश के अनुसार, स्वीकृत धनराशि का नियमानुसार उपयोग, क्रय-प्रक्रिया का पालन एवं प्रत्येक व्यय पर सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करने की जिम्मेदारी कृषि निदेशक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ एवं निदेशक, खाद्य प्रसंस्करण विभाग की होगी।
पूरी क्षमता से संचालन के निर्देश
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटरों को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने हेतु आवश्यक कार्यवाही तत्परता से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के सशक्त संचालन से स्थानीय उद्यमिता, रोजगार सृजन और कृषि-आधारित उद्योगों को मजबूती मिलेगी।


















