शकील अहमद
लखनऊ। डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा है कि उत्तर प्रदेश का युवा केवल वोटर नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य, विकास और सामर्थ्य की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान युवाओं को अवसर के बजाय जातिवाद, भ्रष्टाचार और सिफारिश आधारित व्यवस्था का सामना करना पड़ा।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि 2012 से 2017 के बीच हुई 600 से अधिक भर्तियां विवादों में रहीं। लगभग 45 हजार पदों की जांच तक की नौबत आई और भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द कराने तथा सीबीआई जांच की मांग को लेकर 700 से अधिक याचिकाएं अदालतों में दाखिल हुईं।
उन्होंने कहा कि पीसीएस 2011 भर्ती प्रक्रिया में इंटरव्यू को लेकर गंभीर सवाल उठे थे, जहां 86 में से 56 एसडीएम एक ही जाति से चयनित हुए। वहीं इतिहास प्रवक्ता भर्ती में ओबीसी कोटे के 15 में से 7 चयन एक ही जाति विशेष से होने का आरोप लगा। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2014 की पीसीएस परीक्षा में 25 प्रश्न गलत पाए गए थे।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी सरकार की लैपटॉप योजना भी भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी रही। उन्होंने कहा कि 1173 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से वितरित 8 लाख से अधिक लैपटॉप के वितरण पर भी सवाल उठे थे।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भर्ती व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया। भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी, तकनीक आधारित और जवाबदेह बनाया गया। डिजिटल मॉनिटरिंग, सख्त सुरक्षा व्यवस्था और भर्ती माफियाओं पर कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
डॉ. सिंह ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियों की प्रक्रिया संचालित की गई है। केवल पुलिस विभाग में ही 2.20 लाख से अधिक भर्तियां पूरी की गई हैं।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने युवाओं को डिजिटल रूप से भी सशक्त बनाया है। 2 करोड़ से अधिक युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट वितरित किए गए। इसके अलावा अभ्युदय योजना, स्किल डेवलपमेंट मिशन, ओडीओपी, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर नीति, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसी योजनाओं ने उत्तर प्रदेश को रोजगार और निवेश का बड़ा केंद्र बनाया है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश भर्ती घोटालों और परिवारवाद की राजनीति से निकलकर पारदर्शिता, सुशासन, निवेश और विकास का मॉडल बन चुका है। यही कारण है कि प्रदेश का युवा अब जातिवाद नहीं, बल्कि अवसर, सुशासन और विकास की राजनीति के साथ मजबूती से खड़ा है।






