लखनऊ: फ्लैट का सपना अधूरा, पार्थ इन्फ्रा बिल्ड पर करोड़ों रुपये लेकर कब्जा न देने का आरोप

  • पार्थ रिपब्लिक मेम्बर्स एसोसिएशन ने एसीपी कृष्णानगर को सौंपा ज्ञापन, एफआईआर और वित्तीय जांच की मांग

शकील अहमद

सरोजनीनगर (लखनऊ)। सरोजनीनगर क्षेत्र स्थित पार्थ इन्फ्रा बिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ फ्लैट खरीदारों ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। सोमवार को पार्थ रिपब्लिक मेम्बर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने एसीपी कृष्णानगर को प्रार्थना पत्र सौंपकर कंपनी, उसके निदेशकों और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वर्ष 2015 और उसके बाद प्रधानमंत्री आवास योजना समेत विभिन्न आवासीय योजनाओं के तहत उन्होंने कंपनी की परियोजना में फ्लैट बुक किए थे। कंपनी की ओर से विज्ञापनों, ब्रोशर, बैठकों और अन्य माध्यमों से निर्धारित समय में फ्लैट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। इन दावों पर भरोसा कर लोगों ने अपनी जमा पूंजी और बैंक ऋण के माध्यम से निवेश किया।

पीड़ितों का कहना है कि कंपनी द्वारा समय-समय पर मांगी गई सभी किश्तों और धनराशि का भुगतान कर दिया गया, लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद न तो परियोजना पूरी हुई और न ही फ्लैट का कब्जा दिया गया। आरोप है कि निर्माण कार्य लंबे समय से पूरी तरह बंद पड़ा है और कंपनी की ओर से परियोजना को पूरा करने के संबंध में कोई स्पष्ट योजना नहीं बताई जा रही है।

एसोसिएशन ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि कंपनी ने निवेशकों को आकर्षक वादों के जरिए धन निवेश के लिए प्रेरित किया और बाद में अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया। इससे फ्लैट खरीदारों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। शिकायतकर्ताओं ने धन के दुरुपयोग, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र जैसे आरोप भी लगाए हैं।

पीड़ितों के अनुसार, 1 जून 2026 को परियोजना की प्रगति की जानकारी लेने के लिए समिति के सदस्य कंपनी के कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई। बाद में ईमेल के माध्यम से भी परियोजना पूरी करने की कोई स्पष्ट कार्ययोजना साझा नहीं की गई।

एसोसिएशन ने पुलिस से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा कंपनी और उससे जुड़े जिम्मेदार व्यक्तियों की संपत्तियों, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की जांच कराई जाए। साथ ही पीड़ित आवंटियों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाए।

प्रार्थना पत्र में कंपनी के निदेशकों एवं परियोजना से जुड़े अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।

इस दौरान पार्थ रिपब्लिक मेम्बर्स एसोसिएशन की अध्यक्ष रेनू वर्मा, उपाध्यक्ष संतोष कुमार वर्मा, सचिव कैलाश चंद्र मठपाल, कोषाध्यक्ष अभय कुमार सिंह, सदस्य रश्मि त्रिवेदी, अमित कुमार वर्मा, अधिवक्ता प्रवीण दीक्षित, आनंदेश्वर अवस्थी, मनोज वर्मा सहित बड़ी संख्या में पीड़ित आवंटी मौजूद रहे।

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