- गुजरौलिया ग्राम सभा में मतदाता सूची में अनियमितता की शिकायत पर जांच के दौरान हुआ विवाद, अब नायब तहसीलदार करेंगे मामले की सुनवाई
सौरभ जायसवाल
बृजमनगंज, महराजगंज। बृजमनगंज ब्लॉक क्षेत्र की गुजरौलिया ग्राम सभा में बुधवार को मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान ग्राम प्रधान और पूर्व प्रधान प्रतिनिधि के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि मौके पर चल रही जांच प्रक्रिया बीच में ही रोकनी पड़ी। अब पूरे मामले की जांच नायब तहसीलदार की निगरानी में तहसील स्तर पर की जाएगी।
मामले की शुरुआत ग्राम प्रधान सोनू सिंह द्वारा जिलाधिकारी के जनता दर्शन में की गई शिकायत से हुई। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि ग्राम सभा की मतदाता सूची में बीएलओ द्वारा गंभीर अनियमितताएं की गई हैं। प्रधान का आरोप है कि मतदाता सूची में तीन ऐसे लोगों के नाम दर्ज हैं जिनका निधन हो चुका है, जबकि 22 ऐसे लोगों के नाम भी सूची में शामिल हैं जो वर्तमान में सिद्धार्थनगर जनपद में निवास करते हैं। उन्होंने इन नामों को मतदाता सूची से हटाने की मांग की थी।
शिकायत के आधार पर जांच के लिए सहायक पंचायत विकास अधिकारी गुलाब पाठक एवं ग्राम सचिव परविंदर पाल पंचायत भवन पहुंचे। जांच शुरू होते ही ग्राम प्रधान सोनू सिंह और पूर्व प्रधान प्रतिनिधि मानवेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए।
जांच के दौरान पूर्व प्रधान प्रतिनिधि मानवेंद्र सिंह ने प्रधान के आरोपों का विरोध करते हुए कहा कि राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से गांव के लोगों के नाम मतदाता सूची से कटवाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग ग्राम सभा के वास्तविक निवासी हैं, उनके नाम किसी भी स्थिति में नहीं हटाए जाने चाहिए।
इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते माहौल गर्म हो गया और जांच प्रभावित हो गई। विवाद के चलते मौके पर कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका और जांच प्रक्रिया रोकनी पड़ी।
जांच के दौरान बीएलओ सुमित्रा देवी उपस्थित थीं, जबकि दूसरी बीएलओ नीलम मौके पर नहीं पहुंचीं। संबंधित अभिलेखों के अभाव और विवाद की स्थिति के कारण जांच पूरी नहीं हो सकी।
इसके बाद सहायक पंचायत विकास अधिकारी गुलाब पाठक ने नायब तहसीलदार से दूरभाष पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। नायब तहसीलदार ने निर्देश दिए कि दोनों बीएलओ, शिकायतकर्ता तथा आवश्यक अभिलेखों के साथ संबंधित पक्ष गुरुवार को तहसील में उपस्थित हों। वहीं शिकायत की बिंदुवार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
नायब तहसीलदार ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच के दौरान यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब पूरे मामले पर तहसील प्रशासन की अगली जांच और रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं।













