- इकराम ने पुलिस के सामने दी धमकी, पति फजल को लगातार मिल रही है जान से मारने की धमकी : पीड़िता
- प्रार्थना पत्र देने पर भी पुलिस ने नहीं की कार्यवाही: पीड़िता ( हुस्ना बानो)
- जेबा के पिता राहत जान दबंग दरोगा और इकराम द्वारा मिल रही है खुलेआम धमकी, पुलिस मौन : पीड़िता महिला
शकील अहमद
सरोजनीनगर, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार लगातार सख्त कानूनों और मिशन शक्ति जैसे अभियानों का दावा कर रही है, लेकिन राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर थाना क्षेत्र से सामने आया एक मामला इन दावों पर सवाल खड़े करता नजर आ रहा है।
एक महिला ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि शिकायत देने के बावजूद आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि उसे ही डांटकर वापस भेज दिया गया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि पुलिस चौकी में उसके सामने आरोपी ने खुलेआम जान से मारने की धमकी दी, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
पीड़िता हुस्ना बानो ने बताया कि वह अपने दो पुत्रों और एक पुत्री के साथ बगिया नंबर-3, अमौसी, सरोजनीनगर थाना क्षेत्र स्थित अपने मकान में रहती हैं। उनके अनुसार, फजल अहमद पहले उनके यहां किराए पर रहते थे। उस समय उनकी शादी नहीं हुई थी और उनके माता-पिता का भी उनके घर आना-जाना था। बाद में फजल का निकाह जेबा नाम की महिला से हुआ और वह मोहल्ले में ही किराए के मकान में रहने लगे, हालांकि उनका आना-जाना पहले की तरह बना रहा।
पीड़िता का आरोप है कि 25 अक्टूबर 2024 की सुबह करीब सात बजे इकराम उर्फ शाहनवाज, जेबा और अन्य लोग उनके घर पहुंचे। वहां गाली-गलौज करते हुए धमकियां दी गईं और उनके साथ मारपीट करने का प्रयास किया गया। हालांकि स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के कारण कोई बड़ी घटना नहीं हुई। घटना के बाद उन्होंने तत्काल डायल-112 पर सूचना दी और स्थानीय पुलिस को लिखित प्रार्थना पत्र भी दिया, लेकिन आज तक आरोपियों के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
हुस्ना बानो का कहना है कि घटना के बाद से उनका पूरा परिवार भय के साये में जी रहा है। उनका आरोप है कि इकराम उर्फ शाहनवाज लगातार उनके पति फजल अहमद को फोन पर जान से मारने की धमकियां दे रहा है। पीड़िता ने आशंका जताई कि यदि उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी इकराम और जेबा पर होगी।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि जेबा के पिता उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में दरोगा हैं, जिसके कारण स्थानीय पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही है। उनका कहना है कि इसी प्रभाव के चलते उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। पीड़िता ने इकराम उर्फ शाहनवाज का पता भी पुलिस को उपलब्ध कराने का दावा किया है।
मामले को लेकर पीड़िता ने अपने पति के वैवाहिक जीवन से जुड़े कई आरोप भी लगाए। उनका दावा है कि फजल अहमद का पहला निकाह वर्ष 2023 में जेबा से हुआ था, लेकिन बाद में उन्हें जेबा के अन्य लोगों से कथित संबंधों की जानकारी मिली। पीड़िता का कहना है कि इसी कारण फजल अहमद ने पारिवारिक रीति-रिवाज के अनुसार तलाक दिया और बाद में उनसे निकाह किया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
पीड़िता का आरोप है कि तलाक के बाद से ही जेबा के पिता और इकराम ने उनके पति के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। इसके साथ ही उन्हें और उनके पति को लगातार फोन पर जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं, जिससे पूरा परिवार दहशत में है।
हुस्ना बानो का कहना है कि जब वह बदालीखेड़ा पुलिस चौकी में शिकायत लेकर पहुंचीं तो चौकी प्रभारी ने कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बच्चों के सामने डांट-फटकार लगाई और मुकदमा दर्ज कर देने की धमकी दी। उनका आरोप है कि इसी दौरान चौकी में मौजूद इकराम ने पुलिसकर्मियों के सामने खुलेआम जान से मारने की धमकी दी और वहां से चला गया, लेकिन पुलिस ने उसे रोकने या उसके खिलाफ कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं समझी।
पीड़िता का कहना है कि वह स्वयं को और अपने परिवार को पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रही हैं तथा निष्पक्ष जांच, आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग कर रही हैं।













