यूपी के चौसा आम को मिला यूके का बाजार, CETA लागू होने के बाद पहली खेप लंदन रवाना

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  • APEDA और भारत-यूके व्यापार समझौते का असर, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने 1,200 किलोग्राम चौसा आम की पहली खेप को दिखाई हरी झंडी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की कृषि उपज को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाया गया है। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के प्रयास से तथा भारत-यूनाइटेड किंगडम व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (India-UK CETA) के प्रभावी होने के उपरांत उत्तर प्रदेश से यूनाइटेड किंगडम के लिए ताजे चौसा आमों की पहली निर्यात खेप का फ्लैग ऑफ उद्यान निदेशालय, सप्रू मार्ग, लखनऊ से किया गया।

उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने सेरेमनी में हरी झंडी दिखाकर 1,200 किलोग्राम ताजे चौसा आमों की खेप को यूके के लिए रवाना किया। यह खेप PSPG Consultancy Services Pvt. Ltd. द्वारा निर्यात की जा रही है। यह CETA लागू होने के बाद प्रदेश से यूके के लिए भेजी जा रही ताजे आमों की पहली खेप है।

मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि हमारे राज्य की उपज को दुनिया के बाजारों तक पहुंचाकर उसका मूल्य संवर्धन किया जाना ही हमारा उद्देश्य है। इसी उद्देश्य से आज उद्यान विभाग द्वारा यूनाइटेड किंगडम को आम निर्यात के लिए फ्लैग ऑफ किया गया है। यह पहली पहल नहीं है। जब से योगी सरकार बनी है, तब से प्रत्येक वर्ष उत्तरोत्तर हमारी उपज को दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। बहुत से देशों में हमारा आम ही नहीं, अन्य औद्यानिक उपज भी जा रही है।

उद्यान मंत्री सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया और कहा कि निर्यात प्रोत्साहन के उद्देश्य से जेवर में एक ऐसा एयरपोर्ट निर्मित हो चुका है जो सीधे पूरा का पूरा जहाज हमारी उपज को भरकर दुनिया के बाजारों तक पहुंचा सकेगा, जिससे हमारा भाड़ा कम होगा और बचत अधिक होगी। जेवर एयरपोर्ट राज्य के किसानों के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

उन्होंने बताया कि उद्यान मंत्री के रूप मे डोमेस्टिक एक्सपोर्टर्स को गांव-गांव में तैयार किया है। पहले बड़े शहरों में ही एक्सपोर्टर मिलते थे, आज हमारे 825 ब्लॉकों में लगभग हर ब्लॉक में एक एक्सपोर्टर मिल जाएगा। निर्यात बढ़ाने के उद्देश्य से उद्यान विभाग में औद्यानिक निर्यात प्रोत्साहन बोर्ड का गठन किया गया है, जो किसानों को मार्ग प्रशस्त करता है कि किस उपज को दुनिया के किस बाजार तक पहुंचाया जा सकता है और कितना मूल्य संवर्धन होगा।

जितनी भी सरप्लस उपज हमारे राज्य के उपभोग से अधिक होती है, उसे दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने के ठोस प्रयास योगी सरकार में किए गए हैं, जिससे हमारा निर्यात उत्तरोत्तर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा स्वयं दो टन दशहरी आम लेकर मास्को गए थे, तब से आज तक एयरपोर्ट का कोई जहाज ऐसा नहीं जिस पर हमारा दशहरी न जा रहा हो। दुबई में तो रेगुलर हमारा आम जाता है।

इस समझौते के अंतर्गत यूनाइटेड किंगडम ने भारत के लगभग 99 प्रतिशत निर्यात मूल्य का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिकांश उत्पादों को शुल्क-मुक्त बाजार पहुंच प्रदान की है, जिससे भारतीय कृषि, बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों के निर्यात को नई गति मिलेगी तथा किसानों, एफपीओ, कृषि उद्यमियों और निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजारों में नए अवसर उपलब्ध होंगे। उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख बागवानी एवं आम उत्पादक राज्यों में से एक है तथा राज्य के चौसा एवं दशहरी आम अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता, स्वाद और सुगंध के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं।

कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बीएल मीणा, निदेशक उद्यान बीपी राम, एपीडा के अधिकारी, उत्तर प्रदेश बागवानी निर्यात प्रोत्साहन बोर्ड के अधिकारी, निर्यातक, पैकहाउस संचालक सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी एवं कृषक उपस्थित रहे।

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