रायबरेली: रेंजर और वन दरोगा पर तीन यूकेलिप्टस के पेड़ कटवाने का आरोप, नहर विभाग ने शुरू की जांच

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  • महिपालपुर के पास नहर पटरी पर खड़े पेड़ों की कटान का मामला, ग्रामीणों की शिकायत पर नहर विभाग ने लकड़ी कब्जे में ली

रायबरेली। लगभग दो सप्ताह पहले, 12 जुलाई को हुए वृक्षारोपण महाभियान को वन विभाग के जिम्मेदार ही पलीता लगाते नजर आ रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों पर हरियाली पर आरा चलवाने के आरोप सामने आए हैं। खीरों थाना क्षेत्र के अंतर्गत महिपालपुर के पास नहर विभाग के तीन यूकेलिप्टस के पेड़ों को वन विभाग के रेंजर एवं क्षेत्रीय वन दरोगा की कथित मिलीभगत से कटवाए जाने का आरोप है।

जानकारी होने पर ग्रामीणों ने इसकी सूचना नहर विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना पर पहुंची नहर विभाग की टीम ने यूकेलिप्टस के तीनों पेड़ों की लकड़ी को कब्जे में लेकर महिपालपुर गांव स्थित नहर कोठी में रखवा दिया। नहर विभाग के अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।

शारदा सहायक पुरवा ब्रांच माइनर की पटरी पर खड़े यूकेलिप्टस के तीन विशालकाय पेड़ों को वन विभाग के रेंजर और वन दरोगा द्वारा कटवाए जाने का आरोप लगाया गया है। जानकारी मिलने पर मौके पर दर्जनों ग्रामीण पहुंच गए और उन्होंने इसका विरोध किया। रमुवापुर निवासी मुकेश तिवारी ने मामले की सूचना नहर विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) एवं जिलेदार को दी। सूचना पर नहर विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।

नहर विभाग के अधिशासी अभियंता गगन शुक्ला ने बताया कि यूकेलिप्टस के तीनों पेड़ पुरवा ब्रांच माइनर की पटरी पर खड़े थे। उन्हें गलत तरीके से काटा गया है। तीनों पेड़ों की लकड़ी एकत्र कर महिपालपुर स्थित नहर कोठी में रखवा दी गई है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कई बार तबादले के बाद भी नहीं छोड़ा क्षेत्र

समाचार के अनुसार, क्षेत्रीय वन दरोगा का लगभग दो महीने पहले तबादला हो चुका है। आरोप है कि वन विभाग के रेंजर की साठगांठ से वन दरोगा ने बछरावां स्थित अपने नवीन तैनाती स्थल पर अभी तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। बताया गया कि लालगंज रेंज में उनकी तैनाती को 20 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है।

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