यूपी में 5 डेटा सेंटर क्लस्टर विकसित होंगे, टेक संगम 2026 में सीएम योगी ने किया ऐलान
- वर्ष 2030 तक पांच गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता का लक्ष्य; यूपीएसआईएफएस में ‘अभेद’ और ‘LEXQ’ क्वांटम लैब का शुभारंभ, 10 एमओयू पर हस्ताक्षर
शकील अहमद
सरोजनीनगर (लखनऊ)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की शक्ति से उत्तर प्रदेश में निवेश, नवाचार और रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे। प्रदेश को देश का प्रमुख एआई और डेटा हब बनाने के लिए वर्ष 2030 तक पांच गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री शनिवार को उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस), लखनऊ में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘टेक संगम 2026’ के विशेष सत्र को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पांच बड़े डेटा सेंटर क्लस्टर का सशक्त नेटवर्क तैयार किया जाएगा। लखनऊ को देश की पहली एआई सिटी के रूप में विकसित करने और नोएडा में सेमीकंडक्टर फैब यूनिट स्थापित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल जनकल्याण के लिए होना चाहिए। एआई, साइबर फॉरेंसिक और क्वांटम तकनीक को भारतीय नैतिक मूल्यों के साथ जोड़ना समय की आवश्यकता है।
योगी ने कहा कि डीपफेक, साइबर फ्रॉड, पहचान की चोरी और डिजिटल साक्ष्यों की विश्वसनीयता जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सुरक्षित तकनीकी व्यवस्था जरूरी है। प्रदेश की 18 पुलिस रेंज में अत्याधुनिक फॉरेंसिक लैब स्थापित करने की योजना के तहत 12 प्रयोगशालाएं तैयार हो चुकी हैं। वहीं, 150 से अधिक फॉरेंसिक वैन तैनात की गई हैं। इन वैन के संचालन के लिए पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि भ्रामक सूचनाओं, डीपफेक और हिंसक सामग्री से निपटने के लिए डिजिटल फॉरेंसिक को कानून से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने वैज्ञानिक जांच को प्रभावी न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताया।
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘एआई इन कंस्ट्रक्शन’ पुस्तक का विमोचन किया तथा ‘अभेद’ और ‘LEXQ’ क्वांटम लैब का शुभारंभ किया। इसके साथ ही यूपीएसआईएफएस और विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के बीच 10 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी हुए।
संस्थान के निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि सम्मेलन में विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने डिजिटल संप्रभुता, डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और तकनीकी नवाचार जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए।
टेक संगम 2026 में डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाने, एआई और क्वांटम तकनीक को प्रोत्साहन देने तथा फॉरेंसिक जांच को आधुनिक बनाने से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से सामने आए। मुख्यमंत्री ने इन तकनीकों के माध्यम से प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर विकसित करने पर जोर दिया।