लखनऊ में कोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद सड़क निर्माण का आरोप, नगर आयुक्त से शिकायत
- सरोजनीनगर में विवादित भूमि पर रात में निर्माण शुरू कराने का दावा; शिकायतकर्ता ने निष्पक्ष जांच, निर्माण पर रोक और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की
शकील अहमद
सरोजनीनगर (लखनऊ)। नगर निगम लखनऊ में भूमि विवाद से जुड़े एक मामले में नगर आयुक्त से शिकायत कर कथित अवैध सड़क निर्माण पर रोक लगाने और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने ललित मिश्रा पुत्र स्वर्गीय रमेशचंद्र मिश्रा और उनके पुत्र शिवम मिश्रा पर न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद विवादित भूमि पर सड़क निर्माण कराने का आरोप लगाया है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, संबंधित भूमि को लेकर न्यायालय की कोर्ट संख्या 24 में वाद संख्या 2400795 वर्ष 2012 से स्थगन आदेश प्रभावी होने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कथित त्रुटिपूर्ण बैनामे के आधार पर नगर निगम को गुमराह करके सड़क निर्माण की स्वीकृति प्राप्त की गई।
शिकायत में जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार सरोजनीनगर से मांगी गई आख्या का भी हवाला दिया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल की रिपोर्ट में मकान का गलत नंबर दर्ज होने तथा बैनामे में त्रुटि होने की बात सामने आने का उल्लेख किया गया है।
आरोप है कि रात करीब 11 बजे नगर निगम के ठेकेदार के माध्यम से विवादित भूमि पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने कथित तौर पर निर्माण कार्य रुकवा दिया।
शिकायतकर्ता ने नगर आयुक्त से विवादित भूमि पर निर्माण कार्य तत्काल रोकने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों और स्थगन आदेश की वर्तमान स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित पक्षों और नगर निगम का पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।