लखनऊ के ट्रैफिक जाम का स्थायी समाधान SCR के सुनियोजित विस्तार में: डॉ. राजेश्वर सिंह ने सीएम को भेजे पांच सुझाव

किसान पथ से आगे नए रोजगार और व्यावसायिक केंद्र विकसित करने की पैरवी
छह जिलों में रेल, बस कॉरिडोर और एकीकृत परिवहन व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव
शकील अहमद
लखनऊ। राजधानी में तेजी से बढ़ते वाहनों और यातायात के दबाव को देखते हुए सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर लखनऊ के यातायात जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए पांच सुझाव दिए हैं।
उन्होंने कहा कि शहर के भीतर केवल सड़कें चौड़ी करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) का सुनियोजित विस्तार कर पूरे क्षेत्र का एकीकृत विकास करना जरूरी है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लखनऊ ने स्वच्छता और टिकाऊ विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उनके द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में लखनऊ ने 200 में से 198 अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया।
वर्ष 2017-18 के बाद शहर के PM10 स्तर में 46.64 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। वहीं, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1.6 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्रों के साथ लखनऊ देश के अग्रणी शहरों में शामिल है।
उन्होंने कहा कि विकास के साथ शहर पर यातायात का दबाव भी तेजी से बढ़ रहा है। उपलब्ध आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि लखनऊ में लगभग 32.5 लाख पंजीकृत वाहन हैं और हर साल करीब 1.2 से 1.5 लाख नए वाहन जुड़ रहे हैं।
इसके अलावा शहर में लगभग 1.33 लाख ई-रिक्शा संचालित हैं। प्रमुख मार्गों पर रोजाना जाम की स्थिति बनती है और शाम पांच से आठ बजे के बीच यातायात का दबाव सबसे अधिक रहता है।
मुख्यमंत्री को दिए पांच सुझाव
1. SCR के सुनियोजित विस्तार पर जोर: डॉ. सिंह ने कहा कि लखनऊ का विकास केवल नगर सीमा तक सीमित रखने के बजाय राज्य राजधानी क्षेत्र के व्यापक परिप्रेक्ष्य में किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, छह जिलों में फैले लगभग 26,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र और तीन करोड़ से अधिक आबादी वाले SCR का नियोजित विकास यातायात दबाव कम करने में मददगार हो सकता है।
2. किसान पथ से आगे नए रोजगार केंद्र विकसित हों: उन्होंने प्रस्ताव दिया कि किसान पथ से आगे कार्यालय, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और रोजगार केंद्र विकसित किए जाएं। चुनिंदा सरकारी कार्यालयों को भी इन नए केंद्रों में स्थानांतरित करने पर विचार किया जाए, ताकि पुराने शहर और प्रमुख मार्गों पर रोजाना आने-जाने वाले लोगों का दबाव कम हो सके।
3. एकीकृत क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था: विधायक ने लखनऊ को पड़ोसी जिलों और नए विकास केंद्रों से जोड़ने के लिए रेल तथा समर्पित बस कॉरिडोर विकसित करने का सुझाव दिया। इससे क्षेत्रीय स्तर पर लोगों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकेगी।
4. छह जिलों के लिए एकीकृत विकास योजना: उन्होंने कहा कि SCR के सभी छह जिलों में भूमि उपयोग, परिवहन और विकास की योजनाएं अलग-अलग बनाने के बजाय एकीकृत रूप से तैयार की जानी चाहिए, ताकि क्षेत्रीय विकास में बेहतर समन्वय बना रहे।
5. समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए जवाबदेह प्राधिकरण: डॉ. सिंह ने क्षेत्रीय योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एक जवाबदेह प्राधिकरण गठित करने और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि ये सुझाव उनके पहले प्रस्तुत किए गए 20-वर्षीय समेकित यातायात प्रबंधन एवं शहरी गतिशीलता रोडमैप को आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ का विकास एक जुड़े हुए क्षेत्र के रूप में होना चाहिए, ताकि शहर के साथ आसपास के जिलों में भी रोजगार, परिवहन और आधारभूत सुविधाओं का संतुलित विस्तार हो सके।
उनके अनुसार, SCR का सुनियोजित विकास, नए रोजगार केंद्रों की स्थापना और एकीकृत क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था लखनऊ के बढ़ते यातायात दबाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।
