शकील अहमद
सरोजनीनगर (लखनऊ)। “जो युवा कौशलवान, पर्यावरण-सचेत, स्वस्थ, नैतिक और जागरूक हैं, वही भारत को 2047 तक विश्व-शक्ति बनाएंगे।” भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने रविवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘X’ (पूर्व में Twitter) पर यह प्रेरणादायक संदेश साझा किया। यह संदेश आज की युवा पीढ़ी के लिए एक दूरदर्शी मार्गदर्शन साबित हुआ, जिसमें उन्होंने युवाओं के विकास के 5 स्तंभ बताए, जो भविष्य के “विकसित भारत 2047” की नींव हैं।
1. कौशल उन्नयन और डिजिटल शिक्षा : सफलता का पासपोर्ट
डॉ. सिंह ने कहा कि “AI और ऑटोमेशन की दुनिया में निरंतर सीखते रहना ही सफलता का पासपोर्ट है।” उन्होंने युवाओं को डिजिटल साक्षरता और नई तकनीकों को अपनाने की प्रेरणा दी। UNICEF की रिपोर्ट के अनुसार भारत के 37.1 करोड़ युवाओं में से केवल हर पाँचवाँ युवा ही AI-स्किल्ड है। डॉ. सिंह ने इसे बदलने के लिए “सीखो और आगे बढ़ो” मंत्र दिया।
2. पर्यावरण की जिम्मेदारी : पीढ़ियों का धर्म
Mission LiFE (Lifestyle for Environment) के तहत डॉ. सिंह ने कहा कि “पृथ्वी की रक्षा केवल जिम्मेदारी नहीं, पीढ़ियों का धर्म है।” UNICEF की रिपोर्ट बताती है कि 94% भारतीय युवा जलवायु परिवर्तन का असर महसूस कर रहे हैं, जबकि 2 करोड़ से अधिक युवाओं ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया है। डॉ. सिंह ने युवाओं से जलवायु संवेदनशील जीवनशैली अपनाने की अपील की।
3. स्वास्थ्य और फिटनेस : सफलता की असली ऊर्जा
डॉ. सिंह ने कहा कि मानसिक और शारीरिक दोनों स्वास्थ्य सफलता के दो आधार हैं। WHO (2024) रिपोर्ट के अनुसार हर 7 में से 1 किशोर मानसिक स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहा है और 38% भारतीय युवा पर्याप्त शारीरिक गतिविधि नहीं करते। उन्होंने युवाओं से “फिट बॉडी, फोकस्ड माइंड” का संदेश साझा किया।
4. नैतिकता और संवेदनशीलता : चरित्र ही शक्ति
डॉ. सिंह ने कहा “बिना चरित्र के सफलता केवल एक छलावा है।” UNDP (2023) के अनुसार सामाजिक कार्यों में जुड़े युवाओं में नेतृत्व क्षमता 40% अधिक पाई गई। उन्होंने युवाओं को समाज के प्रति संवेदनशील रहते हुए सेवा भाव अपनाने का आग्रह किया।
5. वैश्विक दृष्टि और राष्ट्रीय गर्व : भारत की जनशक्ति का उत्थान
डॉ. सिंह ने कहा कि “भारत की 65% आबादी 35 वर्ष से कम है, यह जनसंख्या नहीं, जनशक्ति है।” उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे वैश्विक सोच रखते हुए भी अपनी जड़ों से जुड़े रहें।
युवाओं को उन्होंने “भारत के भविष्य के निर्माता” बताते हुए कौशल, संस्कार और सेवा को जीवन का आधार बताया।
संदेश का सार : सेवा और संकल्प की राह पर नई पीढ़ी
डॉ. राजेश्वर सिंह का यह विचारोत्तेजक संदेश न केवल सरोजनीनगर विधानसभा के युवाओं के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। उनकी यह पहल युवाओं को न केवल कौशलवान और आत्मनिर्भर बनने की दिशा देती है, बल्कि संवेदनशील नागरिकता की ओर भी प्रेरित करती है।


















