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फिल्मी दुनिया में वैनिटी वैन को अक्सर स्टारडम और भव्यता का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इंटीरियर डिजाइनर विनीता चैतन्य का मानना है कि कई कलाकारों के लिए यह केवल लग्ज़री नहीं, बल्कि काम और दिनचर्या से जुड़ा एक बेहद निजी स्थान होता है। हाल ही में बांद्रा बैंडस्टैंड में 100 करोड़ रुपये के क्वाड्रुप्लेक्स को लेकर चर्चा में रहीं अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के साथ अपने लंबे पेशेवर जुड़ाव पर बात करते हुए विनीता ने यह खुलासा किया।
एक इंटरव्यू में विनीता चैतन्य ने बताया कि दीपिका उन शुरुआती अभिनेत्रियों में से हैं, जो अपनी वैनिटी वैन के डिजाइन में खुद सक्रिय रूप से शामिल रहीं। उन्होंने कहा कि दीपिका के साथ उनका सहयोग कई साल पहले शुरू हुआ था और यह केवल घरों तक सीमित नहीं रहा। विनीता के अनुसार, उन्होंने दीपिका के करियर के अलग-अलग दौर में उनके कई घरों का इंटीरियर तैयार किया, जिसमें उनका पहला अपार्टमेंट से लेकर ऊपर स्थित वह फ्लैट भी शामिल है, जो अब उनका ऑफिस है। इसके बाद उन्होंने दीपिका की वैनिटी वैन डिजाइन की, बल्कि दो अलग-अलग वैन पर काम किया।
विनीता ने बताया कि दीपिका को अपनी जरूरतों को लेकर पूरी स्पष्टता थी। उन्हें यह अच्छे से पता था कि उन्हें क्या चाहिए और किस तरह चाहिए। विनीता के अनुसार, इस प्रक्रिया ने उन्हें यह समझने में मदद की कि अभिनेता अपनी वैनिटी वैन का उपयोग कैसे करते हैं। उन्होंने कहा कि तकनीशियनों के साथ शूटिंग लोकेशन पर जाकर वैन पर काम करना चुनौतीपूर्ण जरूर था, लेकिन यह अनुभव बेहद दिलचस्प रहा।
इसी दौरान विनीता को अलग-अलग कलाकारों की वैनिटी वैन देखने और समझने का अवसर भी मिला। उन्होंने बताया कि आमतौर पर दो तरह की वैन होती हैं छोटी वैन, जो नजदीकी यात्रा या छोटे सेट के लिए होती है, और बड़ी वैन, जो बड़े स्टूडियो सेट पर इस्तेमाल की जाती है। इसी शोध के दौरान वह एक फिल्म की शूटिंग के समय पहली बार शाहरुख खान की वैनिटी वैन में भी गईं। विनीता के अनुसार, शाहरुख खान की वैन अधिक आराम-केंद्रित थी, जिसमें एक छोटा जिम तक मौजूद था। उन्होंने कहा कि शाहरुख बेहद विनम्र व्यक्ति हैं, जबकि दीपिका की वैनिटी वैन उनकी कामकाजी जरूरतों के हिसाब से बहुत सटीक और व्यावहारिक थी।
विनीता चैतन्य ने अपने काम करने के तरीके पर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि वह बजट तय करने पर ज्यादा ध्यान नहीं देतीं। उनके अनुसार, बजट गृहस्वामी तय करता है। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें आंकड़ों और कीमतों का ज्यादा अंदाजा नहीं रहता। हाल ही में दुबई में एक ग्राहक के साथ खरीदारी का अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि वह अक्सर ग्राहकों से कहती हैं कि कीमत वे खुद देखें और अगर वे वह वस्तु खरीद सकते हैं, तो ले लें।
विनीता का कहना है कि जब कोई ग्राहक किसी निश्चित बजट के साथ उनके पास आता है और उन्हें लगता है कि उस दायरे में वह अच्छा काम कर सकती हैं, तभी वह प्रोजेक्ट स्वीकार करती हैं। हालांकि, कई बार बजट यथार्थवादी नहीं होते, फिर भी वह अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके अधिकतर मौजूदा ग्राहक या तो कला संग्रहकर्ता होते हैं या फिर 15,000 से 30,000 वर्ग फुट तक के विशाल घरों के मालिक। वह एक समय में केवल छह परियोजनाओं पर ही काम करना पसंद करती हैं।
विनीता चैतन्य के इस अनुभव से यह साफ होता है कि सितारों की वैनिटी वैन सिर्फ दिखावे की चीज नहीं, बल्कि उनके काम, अनुशासन और निजी जरूरतों का अहम हिस्सा होती है।


















