- रायबरेली में मंदिर से दो सौ साल पुरानी अतिप्राचीन मूर्तियां चोरी की घटना का पर्दाफाश
सह संपादक एसके सोनी
रायबरेली। जनपद में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के साथ अन्य घटनाओं पर कार्यवाही को लेकर एसपी डॉ यशवीर सिंह सख्त है, हालही की क्राइम मीटिंग में एसपी ने थानाध्यक्षों को सख्त आदेश दिए है। बीते 10 दिन पूर्व डलमऊ थाना क्षेत्र में मंदिर परिसर से करोड़ों की अष्टधातु की मूर्तियों की चोरी के बाद आखिरकार रायबरेली एसओजी व डलमऊ, गदागंज सयुक्त पुलिस टीम को इस बड़ी चोरी के चार शातिर चोरों पर शिकंजा कसते हुए खुलासा किया गया। इन शातिर चोरों के पास से राम जानकी लक्ष्मण की अष्टधातु की तीन मूर्तियाँ बरामद की गई।
यह अष्टधातु की मूर्तियां डलमऊ क्षेत्र के ग्राम रामपुर बरारा स्थित मंदिर से बीते 10 दिन पूर्व चोरी की गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूर्तियों की कीमत करोड़ों रुपए बताई जा रही है। वहीं फरार अभियुक्त अभय यादव उर्फ सरकार पुत्र जंगबहादुर निवासी बीबा नहर थाना गदागंज रायबरेली अभी फरार है जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास में जुटी है।
जानकारी अनुसार बीते 13/14 दिसंबर को डलमऊ क्षेत्र के राजाराम बाजपेयी पुत्र शिवराम बाजपेयी ने डलमऊ पुलिस को एक शिकायती पत्र देकर उनके निजी मंदिर से लगभग 200 वर्ष पुरानी राम जानकी लक्ष्मण की अष्टधातु की तीन मूर्तियाँ चोरी होने का मामला दर्ज कराया था। राजाराम कि माने तो कि शाम लगभग 6 बजे मन्दिर की साफ सफाई करने के लिए मन्दिर पर गया तो देखा वहाँ तीनो मूर्तियाँ गायब थी। मन्दिर का ताला तोड़कर मन्दिर को मूर्तियों को चोरी किया गया था। सूचना के आधार पर थाना डलमऊ पर मु0अ0सं0-335/2025 धारा-331(4)/305 बीएनएस अभियोग में मुकदमा दर्ज करते हुए एसपी के आदेश पर सर्विलांस व पुलिस टीमों का गठन करते हुए लगभग 10 दिन बाद पुलिस को बड़ी सफलता मिलते हुए एक पत्रकार सहित चार अभियुक्तों में आयुष त्रिवेदी पुत्र राजू त्रिवेदी निवासी कल्लू मिश्र का पुरवा मजरे पोठई डीह रायबरेली व शिवांक उर्फ शिवा पुत्र विजय कुमार मिश्रा निवासी बेहटा कलां लालगंज रायबरेली व अमन कुमार पुत्र जंगबहादुर यादव निवासी बीबा नहर गदागंज रायबरेली सहित अभिषेक यादव पुत्र शिवबोधन निवासी पूरेमाधव बक्श मजरे चकबल्लीहार भदोखर रायबरेली को थाना क्षेत्र के पखरौली के पास से पुलिस ने धर दबोचा।
पुलिस पर दबाव व जनता में रोष! दबाव के चलते पुलिस ने दिन – रात एक किया
डलमऊ ऐतिहासिक स्थल पर विभिन्न प्रकार के प्राचीन मंदिर होने के चलते आस्था के प्रतीक मंदिरों से चोरी होने की बात जैसे ही आम जनमानस को पता चला तो चारों ओर काफी रोष व्याप्त हो गया, स्थानीय लोग लगातार पुलिस पर दबाव बनाते हुए जल्द खुलासे की मांग पर अड़े रहे और 10 दिन बाद पुलिस को सफलता मिल गई।
घटना में अमन व उसके साथियों कि निशान देही पर डलमऊ के मतौलीपुर स्थित मुर्गी फार्म पीछे जमीन के अंदर गड़ी चोरी की गयी मूर्तियों को बरामद कर लिया गया। वही अभियुक्तों के पास से चकमलिकभीटी स्थित एक अन्य घर में चोरी के कुछ जेवरात व 15-15 हजार रुपये नगद बरामद किए गए।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूर्तियों की कीमत करोड़ों से ज्यादा बताई गई, रेकी के बाद चोरी को दिया अंजाम
घटना में गिरफ्तार अभियुक्तगणों द्वारा बताया गया कि उसके साथी अभय उर्फ सरकार द्वारा पूर्व में बताया गया था कि उनके गांव के बगल में रामपुर बरारा में स्थित मंदिर मे अति प्राचीन (करीब 200 वर्ष पुरानी) भगवान श्रीराम, लक्ष्मण व माता सीता जी की मूर्तिया हैं जिनकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत काफी अधिक है तथा जिनकी मांग भी गुजरात आदि में बहुत है। इसकी चोरी से सभी साथियों को पर्याप्त धन मिल जाएगा वहीं 09 दिसंबर को अभय, अभिषेक व शिवांक द्वारा जाकर मंदिर के आसपास रहकर रैकी करते हुए चोरी की योजना बनाते हुए चोरी की घटना को अंजाम दिया गया। अमन के मतौलीपुर स्थित मुर्गी फार्म के पीछे जमीन में गाड़ दिया था और यह तय हुआ था कि जब मामला पूरी तरह शांत हो जाएगा तब उपरोक्त मूर्तियों को ले जाकर बेचा जाएगा जिसमें अभियुक्त अमन यादव जो दैनिक माधव संदेश का स्थानीय पत्रकार भी है के द्वारा पुलिस से लगातार संपर्क में रहकर पुलिस की कार्यवाहियों पर नजर रखी जा रही थी।


















