लखनऊ। प्रदेश के आलू किसानों को उनकी उपज के भंडारण और विपणन में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने शुक्रवार को विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आलू उत्पादन, भंडारण और विपणन व्यवस्थाओं को लेकर समीक्षा बैठक की।
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष मौसम अनुकूल रहने के कारण पिछले वर्ष की तुलना में आलू उत्पादन बेहतर रहने की संभावना है। इसे देखते हुए मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्व-नियोजित और सुदृढ़ तैयारियां सुनिश्चित की जाएं, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने या सुरक्षित रखने में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि उत्पादन बढ़ने के अनुमान के बावजूद प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज की क्षमता पर्याप्त है और बड़ी संख्या में शीतगृहों में स्थान रिक्त हैं। एहतियातन मंत्री ने निर्देश दिए कि अन्य राज्यों के बाजारों एवं वहां के आलू व्यापारियों से अभी से संपर्क स्थापित किया जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक विपणन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। साथ ही नवनिर्मित कोल्ड स्टोरेज को तत्काल चालू करने और उनमें भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
आलू उत्पादन के प्रमुख क्षेत्रों और मंडलों में व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। मंत्री ने निर्देश दिए कि अधिकारी आवंटित मंडलों का भौतिक निरीक्षण करें और फसल की पूर्व आवक से पहले विपणन व भंडारण से जुड़ी सभी कमियों को दूर करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को असुविधा से बचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए मंडलवार जवाबदेही तय की गई है।
बैठक में मंत्री ने बाजार हस्तक्षेप योजना (Market Intervention Scheme) को शीघ्र स्वीकृति दिलाने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मल्टी-चैंबर शीतगृहों के निर्माण को प्रोत्साहित करने और पुराने कोल्ड स्टोरेज को आधुनिक तकनीक से लैस करने पर जोर दिया, ताकि आलू के साथ-साथ अन्य बागवानी फसलों का भी सुरक्षित भंडारण संभव हो सके।
समीक्षा बैठक में भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी.एल. मीणा, निदेशक भानु प्रकाश राम, वित्त नियंत्रक अनिल कुमार सिंह, संयुक्त सचिव रजनीकांत पाण्डेय, संयुक्त निदेशक सर्वेश कुमार, राजीव वर्मा सहित सभी मंडलों एवं जनपदों के विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


















