लखनऊ। कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं में सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई), लखनऊ में “स्वास्थ्य सेवाओं में सामाजिक सुरक्षा” विषय पर एक विशाल स्वास्थ्य जागरूकता एवं निवारक स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य बीमित श्रमिकों, उनके परिजनों तथा आम नागरिकों को समय पर जांच, परामर्श और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. आर. के. धीमान द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, ईएसआई, लखनऊ डॉ. राजेश कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. हर्षवर्धन की अध्यक्षता में तथा डॉ. गौरव और डॉ. देवेंद्र गुप्ता (सीएमएस) के सक्रिय समन्वय से संपन्न हुआ।
यह शिविर श्रम मंत्री अनिल राजभर, प्रमुख सचिव (श्रम) एम. के. एस. सुंदरम तथा निदेशक, ईएसआई सौम्या पांडेय के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में आयोजित किया गया, जिससे कार्यक्रम को प्रशासनिक एवं नीतिगत मजबूती प्राप्त हुई।
अपने संबोधन में डॉ. राजेश कुमार, सीएमओ ईएसआई, लखनऊ ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सामाजिक सुरक्षा का वास्तविक अर्थ यह है कि कोई भी व्यक्ति केवल आर्थिक संसाधनों के अभाव में उपचार से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि ईएसआई योजना केवल बीमारी के बाद इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि निवारक स्वास्थ्य, शीघ्र निदान, समय पर परामर्श और स्वास्थ्य संवर्धन को प्राथमिकता देती है। उन्होंने बीमित श्रमिकों से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
उद्घाटन भाषण में डॉ. आर. के. धीमान ने ईएसआई की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सहयोगात्मक कार्यक्रम जनस्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाते हैं। उन्होंने कहा कि जब संस्थान, सरकारी योजनाएं और चिकित्सा विशेषज्ञ एक मंच पर आते हैं, तो स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार होता है।
शिविर की एक प्रमुख विशेषता किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ की सक्रिय भागीदारी रही। केजीएमयू की टीम द्वारा मुख एवं दंत स्वास्थ्य जांच सेवाएं प्रदान की गईं। यह सेवाएं डॉ. प्रमिला वर्मा और डॉ. निशि सिंह के मार्गदर्शन में जूनियर रेजिडेंट्स डॉ. प्रांजलि सिंह, डॉ. अनन्या कर्माकर, डॉ. गौरव और डॉ. अंशुमान राय द्वारा दी गईं। टीम ने प्रतिभागियों की दंत जांच कर मुख स्वच्छता संबंधी परामर्श दिया और आवश्यकता अनुसार आगे के उपचार के लिए रेफर किया।
इसके अतिरिक्त शिविर में ईएसआई के चिकित्सकों डॉ. आशा एवं डॉ. क्रांति (स्त्री रोग), डॉ. अमित प्रकाश (मेडिसिन) तथा डॉ. सलाम अहमद (हड्डी रोग) ने अपनी विशेषज्ञ सेवाएं प्रदान कीं। वहीं डॉ. राकेश चक्रवर्ती (फिजीशियन) और डॉ. सुचेता नैथानी (आयुर्वेदिक चिकित्सक) ने समग्र एवं एकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती दी।
शिविर के दौरान मधुमेह, उच्च रक्तचाप, एनीमिया, मोटापा, सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, महिला स्वास्थ्य, हड्डी एवं जोड़ रोग, मुख स्वास्थ्य तथा जीवनशैली से संबंधित रोगों की निःशुल्क जांच की गई। साथ ही पोषण, शारीरिक गतिविधि, मानसिक स्वास्थ्य, कार्यस्थल सुरक्षा, मुख स्वच्छता और रोग निवारण पर विशेष जागरूकता सत्र भी आयोजित किए गए।
इस शिविर में बड़ी संख्या में बीमित श्रमिकों, उनके परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाएं,चिकित्सकीय परामर्श और आगे के उपचार के लिए रेफरल सेवाएं प्रदान की गईं। आयोजन अध्यक्ष डॉ. हर्षवर्धन ने सभी अतिथियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। ईएसआई अधिकारियों ने भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य जागरूकता एवं निवारक स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रत्येक बीमित व्यक्ति और उसके परिवार तक निरंतर पहुंचती रहें।


















