रायबरेली। जनपद रायबरेली में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के अंतर्गत मंगलवार को व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जिलाधिकारी हर्षिता माथुर के आदेशानुसार एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी जयपाल वर्मा के मार्गदर्शन में संचालित किया गया।
महिला कल्याण विभाग के हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन की टीम द्वारा जनपद के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों और ब्यूटी पार्लरों में जाकर आमजन को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान लोगों को बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका अथवा 21 वर्ष से कम आयु के बालक का विवाह कानूनन बाल विवाह की श्रेणी में आता है और यह दंडनीय अपराध है।

जागरूकता कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि यदि कहीं आसपास बाल विवाह की घटना होती दिखाई दे, तो उसकी सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर तत्काल दी जाए। टीम ने बताया कि समय पर सूचना मिलने से न केवल बाल विवाह रोका जा सकता है, बल्कि बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। इसमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, महिला हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर जैसी योजनाएं शामिल रहीं। अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।
जागरूकता सत्र के अंत में उपस्थित महिलाओं और आमजन को ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान की शपथ दिलाई गई, जिसमें सभी ने बाल विवाह न करने और न होने देने का संकल्प लिया। शपथ के माध्यम से समाज में बाल विवाह के खिलाफ सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया गया।
इस अवसर पर हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन की ओर से शेफाली सिंह, पूजा तिवारी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्थानीय महिलाओं और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
प्रशासन ने बताया कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आगे भी निरंतर जारी रहेंगे, ताकि जनपद को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाए जा सकें।

















