सौरभ जायसवाल
महराजगंज। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ की एक महत्वपूर्ण बैठक महराजगंज में आयोजित की गई, जिसमें टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) को अनिवार्य किए जाने के निर्णय पर शिक्षकों ने कड़ा विरोध जताया।
बैठक में विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष का संकल्प दोहराया। बैठक की अध्यक्षता जूनियर शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय मणि त्रिपाठी तथा राजेश जायसवाल, प्रांतीय संगठन मंत्री अटेवा ने संयुक्त रूप से की।
वहीं बैठक का संचालन अटेवा जिला अध्यक्ष टी.पी. सिंह द्वारा किया गया। बैठक में विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लेते हुए टीईटी अनिवार्यता के निर्णय को शिक्षकों के हितों के विरुद्ध बताया और इसे वापस लेने की मांग की। इस दौरान शिक्षकों ने सर्वसम्मति से आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की।
बैठक में जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अजय कुमार पाण्डेय, महामंत्री विनय पाठक, माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) के जिलाध्यक्ष डॉ. नवीन श्रीवास्तव, महामंत्री चंदन कुमार, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उपेन्द्र कुमार पटेल, महामंत्री अजित सिंह, बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष श्रवण चौरसिया तथा महामंत्री गोपाल सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान सर्वसम्मति से अजय कुमार पाण्डेय को जिला संयोजक तथा टी.पी. सिंह, उपेन्द्र कुमार पटेल, डॉ. नवीन श्रीवास्तव और श्रवण चौरसिया को जिला सह-संयोजक मनोनीत किया गया।
शिक्षक नेताओं ने कहा कि यदि टीईटी अनिवार्यता के फैसले को वापस नहीं लिया गया तो इसके विरोध में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक संगठनों की एकता के साथ शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।
इस बैठक में शिवप्रताप सिंह (जिला उपाध्यक्ष अटेवा), राघवेंद्र गुप्त (कोषाध्यक्ष अटेवा), रोशन गुप्ता, राजेश कुमार मिश्र, विनोद कुमार, अनुराग पटेल, आशुतोष पटेल, शिव चौधरी, अरुणेंद्र पटेल, बृजेश कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।


















