शकील अहमद
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के भागीदारी भवन में आयोजित युवा संसद 2026 कार्यक्रम में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने युवाओं को संबोधित करते हुए देश के विकास में उनकी भूमिका, जिम्मेदारी और शक्ति पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने युवाओं से एकजुट रहने, जागरूक बनने और भारत को वैश्विक महाशक्ति बनाने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए डॉ. सिंह ने इतिहास का उल्लेख किया और कहा कि मात्र 2 लाख अंग्रेज सैनिकों ने 200 वर्षों तक भारत पर शासन किया, जिसका मुख्य कारण हमारी आंतरिक विभाजनकारी सोच थी।
उन्होंने बताया कि प्रथम विश्व युद्ध के दौरान करीब 25 लाख भारतीय सैनिक विदेशों में भेजे गए, जिनमें से लाखों ने अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि आज देश की रक्षा और प्रगति की जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर है।
उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है, जहां लगभग 60 प्रतिशत आबादी युवा है और यही देश की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं से उन्होंने अपील की कि वे केवल सवाल न पूछें, बल्कि समाधान खोजने की दिशा में भी आगे बढ़ें।
जातिवाद और संकीर्ण सोच को देश की एकता के लिए बाधक बताते हुए उन्होंने इसे खत्म करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
डॉ. सिंह ने कहा कि यदि समाज में एकता नहीं होगी तो देश की शक्ति कमजोर होगी। इतिहास इसका प्रमाण है कि विभाजन ने हमेशा नुकसान पहुंचाया है। इसलिए युवाओं को जाति, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर समरस समाज के निर्माण में योगदान देना चाहिए।
उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां वैश्विक विकास दर लगभग 3 प्रतिशत है, वहीं भारत की विकास दर 8 प्रतिशत के आसपास है, जो देश की मजबूती को दर्शाती है।
उन्होंने युवाओं से अपने कौशल और तकनीकी दक्षता बढ़ाने की अपील की ताकि वे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दे सकें।
डॉ. सिंह ने शिक्षा और तकनीक पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि सरोजनीनगर क्षेत्र में 80 स्कूलों और कॉलेजों में स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं।
साथ ही उन्होंने कहा कि भारत पर प्रतिदिन सैकड़ों साइबर हमले होते हैं, इसलिए युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम होना बेहद जरूरी है।
पर्यावरण संरक्षण पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 100 वर्षों में पृथ्वी का तापमान लगभग 1.5 डिग्री सेल्सियस बढ़ चुका है। उन्होंने लखनऊ में गिरते भूजल स्तर का उदाहरण देते हुए युवाओं से सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और हरित तकनीकों को अपनाने की अपील की। साथ ही उन्होंने युवाओं को अपने स्वास्थ्य और खेल गतिविधियों पर भी ध्यान देने की सलाह दी।
वैश्विक परिदृश्य का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष की स्थिति है और ऐसे समय में आर्थिक और सैन्य शक्ति ही किसी देश की स्थिरता का आधार बनती है। उन्होंने युवाओं से भारत को सैन्य, आर्थिक और सांस्कृतिक महाशक्ति बनाने के लिए आगे आने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में संरक्षक राजकुमार पटेल, आयोजक अभिनव पटेल, प्रो. केडी सिंह, संचालक सौरभ पटेल, सोमेंद्र सिंह, शिखर पुरी, धीरेंद्र सिंह, मृणाली दीक्षित, उत्कर्ष चौहान, दीपांशु वर्मा सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया और विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. राजेश्वर सिंह ने सभी प्रतिभागियों और आयोजकों का धन्यवाद करते हुए युवाओं से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर भारत को विश्व की सबसे शक्तिशाली राष्ट्र बनाने में अपना योगदान दें।


















