सह संपादक एसके सोनी निष्पक्ष दर्पण राष्ट्रीय मासिक पत्रिका ND NEWS
उन्नाव/बांगरमऊ। जीवन अनमोल है, घर में कोई आपकी प्रतिक्षा में है, लेकिन जब सवारियां एक बैट्री रिक्शा में जान जोखिम में डालकर सफर करें तो जिम्मेदार कौन है? ऐसे तमाम सवाल लोगों के जहन में कौंधने लगते है। इस बड़ी लापरवाही से होने वाले हादसे के बाद सवारी या फिर बैट्री रिक्शा चालक की जिम्मेदारी होगी, या फिर ट्रैफिक पुलिस, पुलिस या आरटीओ विभाग जिम्मेदार होगा।
एक तरफ जहां बढ़ते ट्रैफिक में लगने वाले जाम में यह बैट्री रिक्शा बाधक है वहीं इन बैट्री रिक्शा चालकों का कोई मानक नहीं है, 10 -12 अंदर सवारियां बैठने के बाद ऊपर सामान सहित अब सवारियां बैठने, लटकाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते, लेकिन थोड़ी से चूक से जहां बैट्री रिक्शा पर बैठी सवारियों सहित ऊपर बैठी लटकी सवारी की जान भी जा सकती है।
आपको बता दें कि उन्नाव के बांगरमऊ में चलने वाले बैट्री रिक्शा सवारियों की जान के साथ खिलवाड़ करते नजर आ रहे है, बेखौफ बैट्री रिक्शा चालक भूसे की तरह सवारियों को भरने के साथ सवारियों को बैट्री रिक्शा के ऊपर बैठा कर चलते नजर आए जो बांगरमऊ से हाइवे गंजमुरादाबाद, ग्रामीण क्षेत्र महमदावाद, कलवारी, हयातनगर से आगे का सफर तय करते है, इस बीच चालक सवारियों की जान जोखिम में डालकर सफर तय करते है।
बड़ी बात यह कि भीड़ भाड़ इलाका नगर पालिक बांगरमऊ क्षेत्र के अंदर तक प्रवेश करते है, लेकिन बांगरमऊ पुलिस मूक दर्शक बनकर तमाशा देखती रहती है, हाइवे पर बनी चौकी भी ऐसे नजारे देखकर नजरंदाज कर देते है, लेकिन अगर कोई बड़ा हादसा हो जाता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। यह बड़ा सवाल है?
अंदर भूसे की तरह बाहर लटकी सवारी लेकर फर्राटा भरते बैट्री रिक्शा
फिर हाल तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि सवारियां बैट्री रिक्शा पर किस तरफ से तेज रफ्तार बैट्री रिक्शा पर ऊपर सवार होकर चल रही है, इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि किसी को अपनी जान की परवाह नहीं है, वहीं चालक को सिर्फ किराया से मतलब है, उसे भी सवारियों की जान की तनिक भी परवाह नहीं है।
लेकिन थोड़ी सी जल्दबाजी एक गड्ढे का हिचकोला यह बैटरी रिक्शा तुरंत पलट जाता है, ऐसे में सवारियां घायल होने के साथ उनकी जान भी जा सकती है। ऐसे बहुत से मामले प्रतिदिन सड़कों पर देखे जा सकते हैं, जहां बैटरी रिक्शा चालक की थोड़ी चूक से बैटरी रिक्शा पलट कर सवारियां घायल हो जाती हैं। फिर भी बेखौफ बैटरी रिक्शा चालक भूसे की तरह सवारी को बैठा फर्राटा भरते नजर आते है। आखिर इन पर शिकंजा कौन कसेगा।
बांगरमऊ की ट्रैफिक व्यवस्था बदहाल, जाम की समस्या से जूझते लोग
अगर बात करें बांगरमऊ नगर पालिका क्षेत्र अंदर की तो जहां एक तरफ अतिक्रमण के चलते लखनऊ रोड चौराहा सहित संडीला रोड, नानामऊ तिराहा पर प्रतिदिन लोग जाम का शिकार होकर परेशान रहते है, रोड किनारे खड़े बैट्री रिक्शा व ठेला जाम का मुख्य कारण है, जबकि नगर पालिका क्षेत्र में स्टैंड की व्यवस्था होने के बावजूद भी यह चालक अपने वाहनों को स्टैंड पर न खड़ा करके भीड़भाड़ वाले चौराहे पर खड़ा कर देते है।
जो जाम की समस्या का कारण बनते है। इन बैटरी रिक्शा चालकों के लिए ना नगर पालिका सख्ती करती है ना ही पुलिस के द्वारा इन्हें अपने स्टैंड पर खड़ा करके सवारियां भरने के लिए कहा जाता है, ऐसे में लापरवाह चालक भीड़ भाड़ की जगह में बैटरी रिक्शा को आगे करते हुए जाम का प्रमुख कारण बनते हैं।
पुलिस व ट्रैफिक की लचर कार्यशैली जाम का कारण
बात करें उन्नाव के बांगरमऊ के प्रमुख चौराहों पर लगने वाले जाम की तो किसी भी चौराहे पर पुलिस व ट्रैफिक विभाग का कर्मचारी नहीं मिलेगा, जब जिसको जिधर जाना है वह स्वयं तय करके निकल जाता है, बढ़ती भीड़ के चलते यह प्रतिदिन का कार्य है, जिसे जनता प्रतिदिन झेलने को मजबूर है।
इसी जाम की जगहों पर मनमाने तरीके से चलने वाले वाहनों पर अंकुश लगाने वाला कोई नहीं है। वही संडीला रोड पर एक होमगार्ड को देखा जाता है, लेकिन होमगार्ड द्वारा भी बैटरी रिक्शाा चालक से मेन चौराहे पर खड़ा करने से नहीं रोका जाता है। जो पुलिस की लचर कार्यशैली पर बड़े प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है?

फिलहाल यह खबर छपने के बाद पुलिस प्रशासन बैट्री रिक्शा चालकों पर व बांगरमऊ नगर पालिका इस लगने वाले भीषण जाम को लेकर आगे क्या तैयारी करता है, यह तो समय तय करेगा।


















