
नई दिल्ली। भारत के पूर्व स्टार ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने टीम प्रबंधन से आग्रह किया है कि ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर की भूमिका को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाए। अश्विन का मानना है कि वर्तमान स्थिति में सुंदर को बल्लेबाजी और गेंदबाजी के बीच संतुलन का स्पष्ट निर्देश नहीं मिल पा रहा है, जिससे वह यह समझने की तलाश में हैं कि टीम में उनकी प्राथमिक भूमिका क्या है।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जारी वनडे सीरीज के पहले दो मैचों में 26 वर्षीय वाशिंगटन सुंदर को मिलाकर केवल 7 ओवर गेंदबाजी दी गई है और वह अभी तक एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके हैं। अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “जब आपने वाशिंगटन सुंदर को खिलाने का फैसला कर लिया है, तो आपको उन्हें एक ऐसे गेंदबाज की तरह इस्तेमाल करना होगा जो बल्लेबाजी भी कर सकता है। आपको उन्हें ओवर फेंकने होंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर वह लगातार गेंदबाजी करेंगे तो उनकी मानसिकता एक गेंदबाजी ऑलराउंडर की रहेगी। लेकिन यदि वह सिर्फ बल्लेबाजी करें और कभी-कभार कुछ ओवर डालें, तो उन्हें यह समझने में मुश्किल होगी कि उनकी वास्तविक भूमिका क्या है। उन्हें खोज की स्थिति में मत छोड़िए। टीम को उन्हें स्पष्ट भूमिका देनी होगी।”
अश्विन ने भारतीय टीम की फिनिशिंग क्षमता पर भी सवाल उठाए, खासकर हार्दिक पंड्या की अनुपस्थिति में। भारत दूसरे वनडे में 358 रनों का बचाव करने में नाकाम रहा, और दक्षिण अफ्रीका ने चार विकेट से जीत दर्ज कर तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। पहला वनडे भारत 348 रन बनाकर भी हार चुका है।
अश्विन ने इशारों में यह भी जताया कि क्या टीम प्रबंधन ने ऐसे खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया है, जो फिनिशर की भूमिका निभा सकते थे। उन्होंने कहा, “टीम को बैलेंस देने के लिए सही संयोजन चुनना जरूरी है। जब हार्दिक टीम में नहीं है, तब फिनिशिंग में विकल्पों की कमी साफ दिखाई देती है।”
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच निर्णायक तीसरा वनडे अब अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है, और वहीं यह भी देखने वाली बात होगी कि वाशिंगटन सुंदर को मैदान पर कितनी जिम्मेदारी दी जाती है।


















