शकील अहमद
लखनऊ। सरोजनीनगर विधानसभा अब विकास का नया पर्याय बनती जा रही है। जहाँ पहले योजनाएँ कागज़ों पर सीमित रहती थीं, वहीं अब हर परियोजना भविष्य की दिशा तय कर रही है। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर क्षेत्र में चल रहे छह मेगा प्रोजेक्ट्स की जानकारी साझा करते हुए कहा कि “यह योजनाएँ नहीं, बल्कि युगांतरकारी संकल्प हैं, जो लखनऊ और उत्तर प्रदेश दोनों को नई दिशा देंगे।”
नादरगंज AI City “जहाँ लिखा जा रहा भविष्य”
भारत की पहली Artificial Intelligence City नादरगंज में आकार ले रही है। लगभग ₹100 करोड़ के निवेश और 40 एकड़ भूमि पर विकसित हो रही यह परियोजना उत्तर प्रदेश को Digital Innovation Hub बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। यह हजारों युवाओं के लिए उच्च-तकनीकी रोजगार का मार्ग प्रशस्त करेगी।
अमौसी Aero City “जहां सपने छितिज को छुएंगे”
1,500 एकड़ में विकसित हो रही यह परियोजना लखनऊ को एक Global Business, Tourism और Convention Hub में तब्दील करेगी। इसमें होटल, बिजनेस पार्क, रिटेल ज़ोन और MICE सेंटर जैसी सुविधाएँ होंगी। यह सरोजनीनगर को Gateway of Growth बनाएगी।
अनंत नगर आवासीय योजना “जहां बसेगा सपनों का लखनऊ”
₹6,500 से ₹10,000 करोड़ की लागत से विकसित हो रही यह परियोजना 800 एकड़ क्षेत्र में फैली होगी, जहाँ 1.5 लाख नागरिकों के लिए आधुनिक आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। यह लखनऊ की सबसे उन्नत हाउसिंग स्कीम के रूप में उभर रही है।
Ashok Leyland EV Plant- “हरियाली, तकनीक और रोज़गार का संगम”
₹1,500 करोड़ के निवेश से सरोजनीनगर में स्थापित हो रही Ashok Leyland की Electric Vehicle Factory नवंबर 2025 से 5,000 इलेक्ट्रिक बसों का वार्षिक उत्पादन शुरू करेगी। इससे हजारों प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे और MSME उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
Defence Industrial Corridor- “आत्मनिर्भर भारत की ढाल”
₹25,000 करोड़ से अधिक निवेश वाले इस प्रोजेक्ट के तहत सरोजनीनगर क्षेत्र में BrahMos Missile Integration & Testing Facility जैसी रणनीतिक इकाइयाँ स्थापित हो रही हैं। यह परियोजना भारत को रक्षा निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी।
State Capital Region (SCR) Act- “एकीकृत राजधानी, एकीकृत प्रगति”
सरोजनीनगर से उपजी यह परिकल्पना लखनऊ और आसपास के जिलों को साझा इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश नीति और परिवहन व्यवस्था से जोड़ती है। SCR Act के तहत सरोजनीनगर को उत्तर प्रदेश का Growth Engine घोषित किया गया है।
₹40,000 करोड़ का निवेश- विकास का नया अध्याय
इन छह परियोजनाओं में कुल ₹40,000 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। आगामी पाँच वर्षों में ये योजनाएँ लाखों रोजगार सृजित करेंगी और सरोजनीनगर को उत्तर भारत का औद्योगिक, डिजिटल और रक्षा हब बना देंगी।
डॉ. राजेश्वर सिंह का विज़न
“सरोजनीनगर अब केवल लखनऊ की विधानसभा नहीं, बल्कि भारत के भविष्य का मॉडल बन चुका है, जहाँ हर परियोजना का लक्ष्य केवल निर्माण नहीं, बल्कि सशक्तिकरण है।”


















