खीरों, रायबरेली। मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में लखनऊ में मंगलवार को प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम से पहले हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं पूर्व राज्य मंत्री सुरेंद्र विक्रम सिंह (पंजाबी सिंह) को पुलिस द्वारा नजरबंद किए जाने का मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के अंतर्गत सेमरी-सरेनी रोड स्थित भागूखेड़ा मजरे बकुलिहा में उनके ईंट-भट्ठे पर पुलिस बल पहुंचा और उन्हें वहीं रोक दिया गया। पूर्व राज्य मंत्री का आरोप है कि उन्हें इसलिए नजरबंद किया गया ताकि वह लखनऊ में आयोजित विधानसभा घेराव में शामिल न हो सकें।
सुरेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) वर्ष 2005 में तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार के दौरान लागू की गई एक महत्वपूर्ण ग्रामीण विकास योजना है। उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों का गारंटीकृत रोजगार उपलब्ध कराना और ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करना है।
पूर्व राज्य मंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं के नाम बदलना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा।


















