शकील अहमद
लखनऊ। शासन-प्रशासन की सख्ती के बावजूद राजधानी लखनऊ में पेट्रोल और डीजल की कालाबाजारी के आरोप सामने आ रहे हैं। ताजा मामला बनी रोड स्थित भागूखेड़ा क्षेत्र का है, जहां एक पेट्रोल पंप कई घंटों तक बंद रखे जाने से लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
जानकारी के मुताबिक, इंडियन ऑयल का चन्द्रम किसान सेवा केंद्र नामक पेट्रोल पंप सुबह से कई घंटों तक बंद रहा। पंप पर ताला लगा होने के कारण लोगों को पेट्रोल और डीजल खत्म होने का हवाला देकर वापस लौटा दिया गया। इससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों और आसपास के दुकानदारों के अनुसार, पंप करीब दोपहर 1 बजे खोला गया। पंप खुलते ही वहां भारी भीड़ उमड़ पड़ी और अफरातफरी का माहौल बन गया। लोगों का कहना है कि घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें ईंधन नहीं मिल रहा था, जिससे गुस्सा बढ़ता चला गया।
जब मौके पर मौजूद लोगों और पत्रकारों ने पंप कर्मचारियों से बंद रहने का कारण पूछा तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। कर्मचारियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि सुबह का स्टाफ देर से आया था, इसी वजह से पंप समय पर नहीं खुल सका।
हालांकि, तेल कंपनियों की ओर से पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर पंप को घंटों बंद रखने का असली कारण क्या था? क्या यह महज लापरवाही थी या इसके पीछे कालाबाजारी की आशंका छिपी है?
स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पूरे प्रकरण को कितनी गंभीरता से लेकर जांच करता है।


















