रायबरेली। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायबरेली अमित पाल सिंह के मार्गदर्शन में 14 मार्च 2026 को दीवानी न्यायालय, रायबरेली परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अमोद कंठ ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में व्यापक स्तर पर विभिन्न प्रकार के मामलों का आपसी सहमति के आधार पर निस्तारण किया जाएगा। इसमें बैंक से संबंधित प्री-लिटिगेशन मामले, बीमा, राजस्व, विद्युत, जल, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT), परिवार न्यायालय से जुड़े विवाद तथा शमनीय दांडिक प्रकरण शामिल हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि लोक अदालत में प्रकरणों के निस्तारण के लिए किसी प्रकार का शुल्क देय नहीं होता। लोक अदालत के माध्यम से जब किसी मामले का निस्तारण हो जाता है, तो वह अंतिम माना जाता है और उसके विरुद्ध कोई अपील नहीं होती। इससे वादकारियों को समय और धन दोनों की बचत होती है।
सचिव ने बताया कि ई-चालान तथा चेक बाउंस से जुड़े मामलों का भी लोक अदालत में सरल और सहज तरीके से निस्तारण कराया जा सकता है। इसके लिए संबंधित पक्षकार और अधिवक्ता समय से अपने-अपने मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में सूचीबद्ध करवा सकते हैं।
उन्होंने सभी अधिवक्ताओं और वादकारियों से अपील की कि वे अपने लंबित या प्री-लिटिगेशन मामलों के निस्तारण के लिए संबंधित न्यायालय में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत कर राष्ट्रीय लोक अदालत में मामला लगवाएं और इस अवसर का लाभ उठाएं।
राष्ट्रीय लोक अदालत से संबंधित अधिक जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायबरेली के छजलापुर स्थित कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस में प्राप्त की जा सकती है। इसके अतिरिक्त वादकारी अपने मामलों को लोक अदालत में शामिल कराने के लिए सीधे संबंधित न्यायालय में भी आवेदन कर सकते हैं।


















