सह संपादक निष्पक्ष दर्पण
रायबरेली। जनपद कही गौशाला तो गौशाला बावजूद आवारा जानवर बाहर घूम रहे तो कही गौशालाओं में जानवर भूखे मर रहे, कही किसान आवारा जानवर से परेशान तो कहीं आम जन मानस परेशान देखा जा सकता है, रोड पर आवारा जानवर एक्सीडेंट का भी कारण बनते देखे जा सकते है।
आपको बता दे कि सलोन तहसील मुख्यालय पर सुविधाजनक गौशाला होने के बाद भी आवारा व छुट्टा जानवरों से आम जनमानस काफी परेशान दिख रहा है। कुछ ऐसी घटना आज नवीन थाना के सामने प्रतापगढ़ रोड, वार्ड विकास नगर में सफीना पत्नी चांद मोहम्मद के आवास पर घटित हुए जहां बीती रात आवारा छुट्टा जानवरों के झुंड ने तांडव मनाते हुए जोरदार टक्कर मार कर पूरा टीनशेड को धराशाही कर दिया।
भर भरा कर गिरा टीन शेड पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया, बड़ी बात यह कि इस टीन शेड नीचे बंधी गाय की दबकर मौत हो गई। वहीं हजारों रुपए का टीन शेड टूट कर बर्बाद हो गया। जिससे पीड़ित को भारी नुकसान का सामना पड़ा। भुक्तभोगी पशुपालक सफीना ने जिला अधिकारी हर्षिता माथुर रायबरेली को रजिस्टर्ड शिकायती पत्र भेजकर आवारा एवं छुट्टा जानवरों से निजात दिलाय जाने की मांग की है।
आवारा जानवरों से होने वाले नुकसान का जिम्मेदार कौन?
ज्ञात हो कि जनपद के ज्यादातर गांव में आवारा जानवरों से किसान व आम जनमानस परेशान है, किसान आवारा जानवरों से अपनी फसल की रक्षा के लिए रात को खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। इधर सलोन तहसील चौराहा, ऊंचाहार तिराहा, मानिकपुर तिराहा, जगतपुर तिराहा, बिजली घर, एसडीएम कोर्ट के पास जानवरों का झुंड अक्सर देखने को मिलता है। परंतु नगर पंचायत प्रशासन की उदासीनता गौशाला के बाद भी जानवर गौशाला की बजाय सड़कों पर नजर आ रहे हैं जो चिंता का विषय है।


















