- मिट्टी के बर्तन बनाने वाला कुम्हार सदमे में, 1 करोड़ 25 हजार रुपये का जीएसटी नोटिस पहुंचा घर
सह संपादक एसके सोनी निष्पक्ष दर्पण राष्ट्रीय मासिक पत्रिका ND NEWS
यूपी के रायबरेली जिले में एक ऐसा मामला चर्चा का विषय बन गया जिसे आप भी सुनकर हैरान हो जाएंगे, रायबरेली का एक कुम्हार गरीब परिवार के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है जब पीड़ित कुम्हार के घर जीएसटी विभाग का करोड़ों का नोटिस पहुंच गया। इस पूरे मामले के बाद पूरा परिवार सदमे में है, निरक्षर पीड़ित अब अपनी रोजी-रोटी चलाएं या फिर गरीब परिवार करोड़ का नोटिस भरे। ऐसे तमाम सवाल परिवार के आगे रोड़ा बन चुके है।
आपको बता दे कि यह पूरा मामला हरचंदपुर थाना क्षेत्र के रघुवीरगंज बाजार निवासी मोहम्मद शहीद के परिवार का है जो पुश्तैनी पेशे से मिट्टी के बर्तन, कुल्हड़ और खिलौने बनाकर परिवार का गुजारा करता है जिसे केंद्रीय जीएसटी विभाग से 1 करोड़ 25 हजार 297 रुपये का नोटिस घर भेजा है। यह नोटिस 15 फरवरी को डाक के माध्यम से उनके घर पहुंचा तो पीड़ित शाहिद ने उसे किसी से पढ़वाया तो पूरा परिवार सदमे में आ गया।
अनपढ़ है परिवार, बस मेहनत और रोजी रोटी का जुगाड
पीड़ित शहीद की माने तो वह अनपढ़ हैं और उनका कोई बड़ा व्यवसाय या फर्म नहीं है। वह रोज चाक चलाकर बर्तन बनाकर उन्हें बेचता है तो दो वक्त की रोटी का जुगाड़ कर खाना नसीब होता हैं।
नोटिस देखने पर पता चला कि उनकी बकाया राशि के रूप में 1,25,297 रुपये का जीएसटी उसे चुकाना है जो पीड़ित परिवार के लिए असंभव रकम है। नोटिस केंद्रीय माल एवं सेवा कर (सीजीएसटी) और केंद्रीय उत्पाद शुल्क, वैशाली प्रभा मंडल हाजीपुर (बिहार) की ओर से जारी किया गया है।
नोटिस का कारण, खोए हुए दस्तावेज पर धोखधड़ी
पीड़ित शहीद की माने तो उसका आधार पैन कहीं खो गया था, जिसकी डुप्लीकेट कॉपी दोबारा निकलवाई है इसके साथ ही संदेह जताते हुए बताया कि लगभग 15 साल पहले पास के गांव पडेरा के एक परिचित ने लोन दिलाने के बहाने उनका आधार और पैन कार्ड उससे हासिल किया था। उन्हें संदेह है कि उसी व्यक्ति ने उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी की होगी।
भारत एंटरप्राइजेज’ फर्म का नोटिस में जिक्र
शाहिद को मिले नोटिस अनुसार नोटिस में ‘भारत एंटरप्राइजेज’ नाम की एक फर्म का नाम है, फर्म बिहार के सीवान में पंजीकृत बताई गई है और इसका प्रोप्राइटर मोहम्मद शहीद दिखाया गया है। फर्म पर कच्चे माल के आदान-प्रदान का आरोप है, लेकिन फिजिकल सत्यापन में फर्म मौके पर नहीं मिली। शहीद का कहना है कि उनका इस फर्म या किसी बड़े कारोबार से कोई संबंध नहीं है।
फिरहाल घटना के बाद शहीद के परिवार में हड़कंप मचा हुआ है। उनके पास घर में रुपये भी नहीं हैं, ऐसे में करोड़ों की राशि का नोटिस मिलना उनके लिए जीवन-मरण का सवाल बन गया है। वह समझ नहीं पा रहा कि वह आगे किस रास्ते पर जाए और क्या करें। फिर हाल यह मामला बड़ी लापरवाही और पहचान पत्रों के दुरुपयोग कर धोखाधड़ी से संबंधित है।
क्या कहता है पीड़ित परिवार,
घटना के बाद पीड़ित परिवारक आगे कोई विकल्प नहीं दिख रहा है, उसका कहना है कि अगर न्याय नहीं मिला तो परिवार आत्महत्या कर लेगा। मोहम्मद शहीद पीड़ित की माने तो “मैं तो सिर्फ मिट्टी के बर्तन बनाता हूं, कोई फर्म नहीं चलाता। 15 साल पहले किसी ने लोन के नाम पर मेरा आधार-पैन ले लिया था।
अब यह नोटिस आया है तो परिवार डर गया है। मेरे पास इतने पैसे कहां से आएंगे? मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या करूं।” घटना के बाद मीडिया का जमावड़ा उसके घर पर है। वहीं अब यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन चुका है, जहां लोग जीएसटी सिस्टम में नामों के दुरुपयोग और गरीबों पर ऐसे नोटिस की जांच की मांग कर रहे हैं।
अब पीड़ित दूसरों की सलाह पर स्थानीय प्रशासन या जीएसटी विभाग से संपर्क कर शिकायत दर्ज करवाकर दस्तावेजों के दुरुपयोग की जांच बात सामने आई है। अब देखना यह है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलता है या नहीं, यह तो समय ही तय करेगा।
आम जनता से अपील, किसी अनजान को न दे आधार पैन कार्ड
फिलहाल सोशल मीडिया के माध्यम से निष्पक्ष दर्पण अपील करता है किसी अनजान फोनकॉल या अनजान व्यक्ति को अपना आधार पैन कार्ड न दें, आप धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं, लगातार मोबाइल पर साइबरठगी करने वाले सक्रिय है, आपकी थोड़ी सी जल्दबाजी आपका बैंक अकाउंट भी खाली कर सकता है। इसलिए सावधान रहिए सुरक्षित रहिए



















