रायबरेली में सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम, भव्य भंडारे का आयोजन

- मलिकमऊ चौराहे के निकट समाजसेवी संगठनों और गणमान्य नागरिकों ने लौह पुरुष को किया नमन, उनके आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
रायबरेली। भारत की एकता और अखंडता के सूत्रधार, लौह पुरुष एवं देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर मलिकमऊ चौराहे के निकट विभिन्न समाजसेवी संगठनों एवं गणमान्य नागरिकों द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम और भव्य भंडारे का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। साथ ही उनके अदम्य साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण को याद किया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश संगठन मंत्री मुकेश रस्तोगी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल केवल महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के शिल्पकार भी थे। उन्होंने अपनी दूरदर्शिता, दृढ़ इच्छाशक्ति और अद्भुत नेतृत्व क्षमता से देश की सैकड़ों रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण किया।
उनका जीवन हमें सिखाता है कि राष्ट्रहित से बड़ा कोई व्यक्तिगत हित नहीं हो सकता। आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी उनके विचारों और आदर्शों को आत्मसात कर सामाजिक एवं राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाए।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राम सिंह यादव ने कहा कि सरदार पटेल का संपूर्ण जीवन संघर्ष, त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति की अनुपम मिसाल है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ ही आजादी के बाद देश को एकजुट करने का ऐतिहासिक कार्य किया। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। सरदार पटेल की विचारधारा समाज में आपसी भाईचारे, सद्भाव और एकता की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देती है।
पूर्व प्रधान महानन्द चौधरी ‘भोला’ ने कहा कि सरदार पटेल का व्यक्तित्व और कृतित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने संकल्प और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। आज समाज को जाति, धर्म और वर्ग के भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होने तथा राष्ट्र एवं समाज के विकास के लिए मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। यही लौह पुरुष के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
पूर्व सभासद लालमणि चौधरी ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और दृढ़ नेतृत्व के बल पर देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत आधार प्रदान किया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि समाज और राष्ट्र की मजबूती के लिए आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहना बेहद जरूरी है। सरदार पटेल का योगदान भारतीय इतिहास में सदैव स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा। उनके आदर्शों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम के आयोजक समाजसेवी अमृतलाल चौधरी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की जयंती पर श्रद्धांजलि एवं भंडारे का आयोजन करने का उद्देश्य उनके महान व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को जन-जन तक पहुंचाना है।
महापुरुषों की जयंती केवल आयोजन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प भी लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाजसेवा, आपसी सहयोग और जरूरतमंदों की सहायता ही सामाजिक एकता को मजबूत बनाने का माध्यम है।
इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी रामशरन चौधरी, व्यापारी नेता अनिल गुप्ता, वरिष्ठ सपा नेता रामप्रसाद यादव ‘रामे’, रोहित सिंह चौधरी, जीवन लाल गुप्ता एडवोकेट सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के उपरांत आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं एवं राहगीरों ने प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम ने सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और राष्ट्र की एकता का संदेश देते हुए सरदार पटेल के प्रति जनमानस की श्रद्धा एवं सम्मान को अभिव्यक्त किया।