वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प दशकों में अमेरिकी ड्रग नीति के सबसे बड़े बदलाव की दिशा में कदम उठा सकते हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति एक ऐसे कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने की तैयारी में हैं, जिसके तहत कैनबिस (गांजा) को अनुसूची-I मादक पदार्थ की श्रेणी से हटाकर अनुसूची-III में पुनर्वर्गीकृत किया जा सकता है। माना जा रहा है कि इस संबंध में फैसला गुरुवार तक सामने आ सकता है, हालांकि समयसीमा में बदलाव संभव है।
यदि यह आदेश लागू होता है, तो कैनबिस को कोडीन युक्त टाइलेनॉल जैसी दवाओं की श्रेणी में रखा जाएगा। हालांकि संघीय स्तर पर गांजा अवैध ही बना रहेगा, लेकिन इसके संभावित चिकित्सीय लाभों पर व्यापक वैज्ञानिक शोध की अनुमति मिल सकेगी। अमेरिकी ड्रग एन्फोर्समेंट एजेंसी के अनुसार, अनुसूची-III में शामिल दवाओं में शारीरिक और मनोवैज्ञानिक निर्भरता की संभावना मध्यम से कम मानी जाती है।
इस पुनर्वर्गीकरण का सीधा असर मेडिकल रिसर्च और टैक्स नीति पर भी पड़ सकता है। राज्य सरकारों से स्वीकृत कैनबिस औषधालयों को कर छूट का लाभ मिलने की संभावना है, क्योंकि अनुसूची-I के तहत फिलहाल उन्हें कई टैक्स कटौतियों से वंचित रहना पड़ता है। इसके अलावा कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में कैनबिडिओल (CBD) के उपयोग को लेकर पायलट प्रोग्राम शुरू किए जाने की चर्चा भी है। रिपोर्टों के अनुसार, वरिष्ठ नागरिकों के लिए कुछ बीमारियों में CBD की प्रतिपूर्ति का विकल्प भी प्रस्तावित योजना में शामिल हो सकता है।
हालांकि इस कदम को लेकर राजनीतिक विरोध भी तेज है। रिपब्लिकन पार्टी के भीतर से कड़ा असहमति स्वर सुनाई दे रहा है। 22 रिपब्लिकन सीनेटरों ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि इससे गांजे का सामाजिक सामान्यीकरण बढ़ेगा और उत्पादकता व औद्योगिक विकास पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। उनका तर्क है कि कई शोधों में गांजे के सेवन को निर्णय क्षमता में कमी और एकाग्रता में गिरावट से जोड़ा गया है।
डोनाल्ड ट्रम्प इससे पहले भी व्यक्तिगत उपयोग के लिए गांजे को लेकर सख्त कानूनों पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि वयस्कों को थोड़ी मात्रा में मारिजुआना रखने के लिए बार-बार जेल भेजना उचित नहीं है और सुरक्षित तथा परीक्षण किए गए उत्पादों तक उनकी पहुंच होनी चाहिए।
वर्तमान स्थिति की बात करें तो अमेरिका के 24 राज्यों में मनोरंजक उपयोग के लिए कैनबिस वैध है, जबकि अधिकांश राज्यों में इसके चिकित्सीय उपयोग की अनुमति दी गई है। इसके बावजूद 1971 से अब तक संघीय स्तर पर कैनबिस अनुसूची-I में शामिल है। नवंबर में जारी गैलप सर्वे के अनुसार, 64 प्रतिशत अमेरिकी नागरिक कैनबिस को वैध बनाने के पक्ष में हैं।
नीति विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह बदलाव लागू होता है, तो अमेरिकी ड्रग नीति को अधिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जोड़ा जा सकेगा, जेलों पर बोझ कम होगा और स्वास्थ्य अनुसंधान को नई दिशा मिलेगी। हालांकि विशेषज्ञ यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि इसके सामाजिक प्रभावों और युवाओं के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर की कड़ी निगरानी आवश्यक होगी।


















