- रायबरेली के धार्मिक सौहार्द को बिगड़ने के प्रयास से पूर्व जिले की डीह पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
सह संपादक एसके सोनी
रायबरेली। यूपी के रायबरेली में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना, जात बिरादरी पर अभद्र टिप्पणियां, धार्मिक सौहार्द बिगड़ने के प्रयास में हो रही घटनाएं आए दिन चर्चा का विषय बनी रहती है, पुलिस भी लगातार ऐसे उपद्रवी अराजक तत्वों को लगातार जेल का रास्ता दिखाती है। कुछ ऐसे ही अराजक तत्वों ने एक बार फिर जनपद के माहौल को बिगड़ने का प्रयास किया और जिले के डीह थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा गढ़वा में 25 दिसंबर को मनुस्मृति के पन्नों को आग लगाकर जलाने और लातों से कुचलने की घटना को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
इस घटना ने हिंदू समाज में व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया है। आरोपियों द्वारा इस कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस हरकत में आई और तत्काल डीह पुलिस ने मामले पर मुकदमा पंजीकृत कर दो आरोपियों को जेल के सलाखों के पीछे भेज दिया, वही एक फरार अभियुक्त की तलाश जारी है।
मिली जानकारी के अनुसार गढ़वा गांव के निवासी सुरेंद्र कोरी, मनीष पाल, अजीत रावत एक अन्य ने क्रिसमस के दिन मनुस्मृति के पन्नों को जलाया और उन्हें पैरों से रौंदाकर वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर तेजी से फैला दिया।
क्या कहते है अपर पुलिस अधीक्षक संजीव सिन्हा
अपर पुलिस अधीक्षक संजीव सिन्हा ने बयान जारी करते हुए बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें तीन युवको द्वारा एक फोटो की प्रति जलाई जा रही है जिस पर मनुस्मृति लिखा हुआ है। डीह थाने में मुकदमा दर्ज करते हुए दो अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई है।
ज्ञात हो कि थाना डीह पुलिस टीम द्वारा वायरल वीडियो का तत्काल संज्ञान लेकर थाना डीह पर मु0अ0सं0-342/2025 धारा-299 बीएनएस बनाम सुरेंद्र, मनीष, अजीत पर मुकदमा पंजीकृत किया गया तथा त्वरित कार्यवाही करते हुए सुरेन्द्र पासी पुत्र शिवकुमार, मनीष पाल पुत्र राम खेलावन निवासीगण पूरे ग्राम गढ़वा थाना डीह को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया वही एक आरोपी अजीत की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है।


















