शकील अहमद
सरोजनी नगर, लखनऊ। राजधानी लखनऊ के सरोजनी नगर प्रथम वार्ड स्थित अमौसी गांव में बीते डेढ़ वर्ष से जलभराव की समस्या ने स्थानीय लोगों का जीवन कठिन बना दिया है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, गांव के मुख्य मार्ग पर लगातार पानी भरा रहता है। यह रास्ता तीन अलग-अलग मार्गों को जोड़ता है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाती है, लेकिन अब स्थिति यह है कि सामान्य दिनों में भी जलभराव बना रहता है। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण गंदा पानी लंबे समय तक जमा रहता है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि पास में स्थित मस्जिद तक पहुंचने में भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रमजान के पवित्र महीने के दौरान नमाज अदा करने जाने वाले लोगों को जलमग्न रास्ते से गुजरना पड़ रहा है। कई लोग फिसलकर गिर भी चुके हैं। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि समस्या की जानकारी क्षेत्रीय पार्षद, नगर निगम तथा जनप्रतिनिधियों को दी गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
गांव के अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को स्कूल जाने में भी भारी परेशानी हो रही है। जलभराव के कारण बच्चों को कीचड़ और गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार देर से पहुंचने पर उन्हें स्कूल से वापस भी भेज दिया गया। इससे अभिभावकों में नाराजगी है।
स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ रही हैं। जमा पानी के कारण मच्छरों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक रोगों का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
निवासियों का आरोप है कि विकास कार्यों की घोषणाएं तो की जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उनका कहना है कि डेढ़ साल से लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होना चिंता का विषय है।
अमौसी गांव के लोगों ने सरकार और संबंधित विभागों से अपील की है कि जल्द से जल्द जलभराव की समस्या का समाधान कराया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके और संक्रामक बीमारियों का खतरा टल सके।


















