आर स्टीफ़न (स्टेट हेड)
एमसीबी, छत्तीसगढ़। जिले के ग्राम छोटे कलुआ बसर्रापारा में आजादी के इतने वर्षों बाद भी ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। गांव में न तो पक्की सड़क की व्यवस्था है और न ही शुद्ध पेयजल, जबकि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी जरूरी सुविधाएं भी ग्रामीणों को आज तक नसीब नहीं हो सकी हैं।

ग्रामीणों ने मीडिया के माध्यम से शासन-प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करते हुए बताया कि आमाडांड़ (नागपानी) से छोटे कलुआ बसर्रापारा तक आज तक पक्की सड़क नहीं बन पाई है। उन्होंने नागपानी से खैराहीपारा शिवपुर तक लगभग 5 से 6 किलोमीटर सड़क निर्माण की मांग उठाई है।
ग्रामीणों का कहना है कि सूखे दिनों में ही मार्ग की स्थिति खराब रहती है, जबकि बरसात के मौसम में यह रास्ता बेहद खतरनाक हो जाता है। ऐसे में गांव तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
सबसे ज्यादा दिक्कत आपातकालीन स्थितियों में सामने आती है। यदि किसी को अचानक चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ती है, तो मरीज को खाट या अन्य साधनों से ढोकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है, जिससे समय पर इलाज मिल पाना मुश्किल हो जाता है।
वहीं ग्रामीणों ने बताया कि इस कच्चे मार्ग में दो नाले भी पड़ते हैं, जो बारिश के दौरान पानी से भर जाते हैं। इसके चलते रास्ता पूरी तरह बाधित हो जाता है और कीचड़ के कारण आवागमन ठप हो जाता है। इस वजह से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है, क्योंकि वे स्कूल नहीं जा पाते।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस दिशा में कदम नहीं उठाए गए तो ग्रामीणों को आने वाले समय में और गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।


















