सौरभ जायसवाल
बृजमनगंज, महराजगंज। निष्पक्ष दर्पण की खबर का असर अब जमीनी स्तर पर देखने को मिला है। मानकों के बिना संचालित विद्यालयों और अभिभावकों से ड्रेस-किताब के नाम पर वसूली के आरोपों को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रिद्धि पांडेय के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी अगनित कुमार के नेतृत्व में सोमवार को बृजमनगंज क्षेत्र में छापेमारी अभियान चलाया गया। इस दौरान बिना मान्यता संचालित विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान स्टेपिंग स्टोन पब्लिक स्कूल (सुमेरपुर महुलानी) और पंडित श्याम बिहारी मणि त्रिपाठी कन्या जूनियर हाईस्कूल (इसरीवर) में कक्षा 1 से 8 तक बिना मान्यता के पढ़ाई कराए जाने की पुष्टि हुई, जिसके बाद दोनों विद्यालयों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया।
इसके साथ ही 13 अन्य विद्यालयों को भी मानकों के अनुरूप न पाए जाने पर बंद करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। इनमें मॉर्डन पब्लिक स्कूल शांतिनगर, केपी पब्लिक स्कूल बचगंगपुर, पंडित राजदेव शुक्ल स्मारक विद्या मंदिर बड़गो शांतिनगर, ग्रेस मिशन पब्लिक स्कूल इलाहाबास, एसडी पब्लिक स्कूल कवलपुर, पंडित श्यामबिहारी मणि त्रिपाठी प्राथमिक विद्यालय मिश्रौलिया, पुरुषोत्तम दास चिल्ड्रन एकेडमी इनायतनगर, जीएस एकेडमी परासखांड, पंडित दीनदयाल पब्लिक स्कूल सोनचिरैया और पंडित श्यामबिहारी अमरमणि त्रिपाठी प्राथमिक विद्यालय रत्तूपुर सहित अन्य विद्यालय शामिल हैं।
बंद किए गए विद्यालयों के विद्यार्थियों को सूचित किया गया है कि इन संस्थानों में उनका भविष्य सुरक्षित नहीं है, इसलिए उन्हें नजदीकी सरकारी विद्यालयों में नामांकन कराने की सलाह दी गई है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रिद्धि पांडेय ने स्पष्ट किया कि यदि संबंधित विद्यालयों द्वारा पुनः मनमाने ढंग से संचालन किया गया, तो उनके खिलाफ प्रतिदिन ₹10,000 का जुर्माना लगाया जाएगा और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली है और उम्मीद जताई है कि आगे भी ऐसे अवैध विद्यालयों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


















