- 30 जून से पहले ग्राम सभाओं में अंतिम रूप दी जाएगी स्थायी पात्रता सूची, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
रायबरेली। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना की प्रगति, स्थायी पात्रता सूची तैयार करने की प्रक्रिया तथा सत्यापन कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए प्रमोद सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्थायी पात्रता सूची तैयार करने के लिए जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की बिंदुवार जानकारी सभी खंड विकास अधिकारियों को दी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की तकनीकी टीम द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी खंड विकास अधिकारियों को इस संबंध में प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा चुका है।
परियोजना निदेशक ने बताया कि ड्राफ्ट स्थायी पात्रता सूची को 30 जून 2026 से पूर्व ग्राम सभाओं की निर्धारित बैठकों में अंतिम रूप दिया जाएगा। इस दौरान आवास सर्वे-2024 में दर्ज प्रत्येक लाभार्थी के विवरण का पुनः सत्यापन किया जाएगा और आवश्यक संशोधन ग्राम सभा की कार्यवाही में कारण सहित दर्ज किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि ग्राम सभा की कार्यवाही के प्रत्येक भाग पर ग्राम प्रधान अथवा प्रशासक एवं ग्राम पंचायत सचिव के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे। साथ ही कार्यवाही की स्पष्ट पीडीएफ कॉपी और जीपीएस युक्त फोटोग्राफ आवास सॉफ्टवेयर पर अपलोड किए जाएंगे।
बैठक में यह भी बताया गया कि सचिवों को उपलब्ध कराए जा रहे सिस्टम जनरेटेड प्रिंट में दर्ज बिंदुओं के अतिरिक्त कुछ अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं का भी सत्यापन किया जाएगा। इनमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित लाभार्थी को पहले प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ तो नहीं मिल चुका है, लाभार्थी जीवित है या नहीं, अथवा वह स्थायी रूप से कहीं और पलायन तो नहीं कर चुका है।
जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे तत्काल अपने-अपने विकास खंडों में सचिवों और सेक्टर प्रभारियों की बैठक आयोजित कर एसओपी के अनुसार पूरी प्रक्रिया की जानकारी और प्रशिक्षण उपलब्ध कराएं। साथ ही बैठक की कार्यवाही का विवरण भी जिला प्रशासन को भेजा जाए।
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि सर्वेक्षण में शामिल लाभार्थियों की ड्राफ्ट सूची का गलत सत्यापन पाया जाता है तो संबंधित ग्राम पंचायत सचिव के विरुद्ध अनुशासनात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम सभा की बैठकों में किए गए किसी भी संशोधन की आवश्यकता पड़ने पर जिला स्तरीय अधिकारियों से जांच कराई जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि किसी भी स्थिति में पात्र लाभार्थी का नाम सूची से न हटने पाए। योजना का लाभ वास्तविक और पात्र लोगों तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता, जिला विकास अधिकारी वर्षा सिंह सहित जिले के सभी खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।












