रायबरेली: 5.24 करोड़ की पानी की टंकी बनी शोपीस, 15 महीने से ठप सप्लाई, हजारों लोग परेशान
- भीतरगांव समेत एक दर्जन गांवों में पेयजल संकट गहराया, शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं होने का ग्रामीणों का आरोप
रायबरेली। खीरों विकास क्षेत्र के भीतरगांव स्थित जलापूर्ति योजना लंबे समय से बंद पड़ी होने के कारण क्षेत्र के हजारों ग्रामीण पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी की टंकी से जुड़े दोनों बोर खराब होने के चलते पिछले लगभग 15 महीनों से नियमित जलापूर्ति बाधित है, लेकिन शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, भीतरगांव में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित जलापूर्ति योजना से ग्राम पंचायत के साथ-साथ आसपास के कई गांवों को पेयजल उपलब्ध कराया जाना था। हालांकि, तकनीकी खराबी के कारण जलापूर्ति व्यवस्था लंबे समय से प्रभावित है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन परिवारों के पास निजी समरसेबल या हैंडपंप की सुविधा उपलब्ध है, वे किसी तरह अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं, लेकिन जो परिवार पूरी तरह पाइपलाइन से मिलने वाले पानी पर निर्भर थे, उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच पेयजल की व्यवस्था करना उनके लिए चुनौती बन गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जलापूर्ति योजना शुरू होने के कुछ समय बाद ही एक बोर खराब हो गया था और बाद में दूसरा बोर भी बंद हो गया। इसके बाद से सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। उनका दावा है कि भीतरगांव और उससे जुड़े लगभग एक दर्जन गांवों की बड़ी आबादी इस समस्या से प्रभावित है।
शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं
ग्रामीणों के मुताबिक, समस्या को लेकर मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल समेत विभिन्न माध्यमों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। लोगों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद जलापूर्ति बहाल नहीं हो सकी है।
भीषण गर्मी में बढ़ी परेशानी
क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट और गंभीर हो गया है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से जल्द से जल्द खराब बोरों की मरम्मत कराकर जलापूर्ति व्यवस्था बहाल करने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
