- कार्यदायी संस्था और विद्युत अवर अभियंता के सामने कराया गया दक्षता परीक्षण, दस दिन बाद फिर होगी परीक्षा
रायबरेली। विद्युत उपकेंद्रों में संविदा कर्मियों की भर्ती में कार्यदायी संस्थाओं और विभागीय अधिकारियों द्वारा जमकर खेल किए जाने के आरोप लगते रहे हैं। सेटिंग के चलते कार्य करने में अकुशल कर्मियों को भर्ती कर लिया जाता है। बाद में ऐसे अकुशल संविदा कर्मी विद्युत उपभोक्ताओं के लिए समस्या बन जाते हैं, क्योंकि विद्युत शिकायतों का समय पर निस्तारण करना इनके बस की बात नहीं रहती। विभाग की किरकिरी होने पर जिम्मेदारों को ऐसे अकुशल कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए बाध्य होना पड़ता है।
विद्युत वितरण उपखंड खीरों के उपखंड अधिकारी ने उपकेंद्र सेमरी पर तैनात एक संविदा स्टाफ के कार्य दक्षता परीक्षण के दौरान खंभे पर चढ़ने में असफल रहने पर नोटिस जारी किया है।
उपखंड अधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि उपकेंद्र सेमरी में तैनात संविदा कर्मी चंदन सिंह (कुशल) कार्यदायी संस्था वर्ल्ड क्लास सर्विस लिमिटेड के प्रतिनिधि और अवर अभियंता के सामने खंभे पर चढ़ने में असफल रहे।
अधीक्षण अभियंता के निर्देश पर संविदा कर्मी को नोटिस जारी करते हुए दस दिन का समय दिया गया है। इन दस दिनों के भीतर संविदा कर्मी को खंभे पर चढ़कर कार्य करने का प्रशिक्षण पूरा करना होगा। इसके बाद कुशल कार्मिक श्रेणी में बने रहने के लिए उसे पुनः अवर अभियंता और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि के समक्ष खंभे पर चढ़ने का परीक्षण देना होगा।
क्षेत्रीय विधायक को आना पड़ा आगे
विद्युत उपकेंद्र सेमरी में व्याप्त अव्यवस्थाओं और विद्युत उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय पर निस्तारण न होने के मामले को लेकर क्षेत्रीय विधायक राहुल लोधी को भी आगे आना पड़ा। विधायक ने लगभग दस दिन पहले, बीती 28 जून को अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर विद्युत आपूर्ति को निर्बाध और सुचारू रूप से जारी रखने के निर्देश दिए थे।
विधायक के पत्र के बाद विद्युत विभाग के अधिकारी हरकत में आए। इसी बीच उपकेंद्र पर तैनात संविदा कर्मी का कार्य दक्षता परीक्षण कराया गया, जिसमें वह खंभे पर चढ़ने में असफल रहा। अब विभाग की ओर से उसे दस दिन का समय देते हुए पुनः दक्षता परीक्षण की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।













