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नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो एयरलाइन के परिचालन में हालिया बड़े व्यवधानों को गंभीरता से लेते हुए इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स और जवाबदेह प्रबंधक/सीओओ इसिड्रे पोरक्वेरस को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दोनों अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा एयरलाइन के खिलाफ कड़ी नियामक कार्रवाई की जा सकती है।
DGCA के अनुसार उड़ानों में हुए व्यापक व्यवधान का मुख्य कारण नई उड़ान शुल्क समय सीमा (FDTL) के क्रियान्वयन की समुचित तैयारी न करना है। यह नियम 1 नवंबर 2025 से लागू हुआ, लेकिन इंडिगो ने इसकी तैयारी, योजना और संसाधन प्रबंधन में गंभीर लापरवाही बरती, जो विनियम उल्लंघन की श्रेणी में आता है।
नियामक ने यह भी उल्लेख किया कि उड़ान रद्द होने की स्थिति में इंडिगो यात्रियों को समय पर जानकारी देने में विफल रही और विलंब/रद्दीकरण की स्थिति में दी जाने वाली अनिवार्य सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराईं। नोटिस में कहा गया है कि इस तरह की बड़े पैमाने पर परिचालन विफलता से संकेत मिलता है कि एयरलाइन की आंतरिक योजना, पर्यवेक्षण और संसाधन प्रबंधन में गंभीर खामियां हैं।
नोटिस में स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि “सीईओ और जवाबदेह प्रबंधक के रूप में आप एयरलाइन के प्रभावी प्रबंधन के लिए जिम्मेदार हैं। किंतु आप विश्वसनीय संचालन तथा यात्रियों को अपेक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने में विफल रहे हैं।”
उच्च पदस्थ सरकारी सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में इंडिगो यात्रा कर रहे यात्रियों को जिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा वह पूरी तरह अस्वीकार्य है। सूत्रों की मानें तो इस प्रकरण में “जवाबदेही तय की जाएगी और जिनकी लापरवाही साबित होगी, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। ‘‘सिर झुकेंगे’’,” एक अधिकारी ने कहा।
सूत्रों ने यह भी संकेत दिया कि इंडिगो पर मोटा वित्तीय जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि फिलहाल किसी अधिकारी को हटाने की बात पर निर्णय नहीं लिया गया है, ताकि रुके हुए शेड्यूल की बहाली में बाधा न आए। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार “पहले शेड्यूल इंटीग्रिटी बहाल कराई जाएगी, इसके बाद उत्तरदायी लोगों पर कार्रवाई तय होगी।”
यह मामला ऐसे समय उठा है जब इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है और उसके परिचालन में किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर हजारों यात्रियों पर पड़ता है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एयरलाइन की ओर से क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है और DGCA की अगली कार्रवाई क्या होगी।


















