![]()
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में वीजा शर्तों का उल्लंघन कर यात्रा कर रहे 29 वर्षीय चीनी नागरिक से पुलिस ने सोमवार को दूसरे दिन भी पूछताछ की। उसे देर शाम रिहा किए जाने की संभावना जताई गई है। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने यह भी पाया कि कश्मीर में विभिन्न होटलों, होमस्टे और हाउसबोटों में ठहरे कई विदेशी नागरिकों के प्रवास की जानकारी विदेशी पंजीकरण कार्यालय (एफआरओ) को नहीं दी गई, जबकि आव्रजन और विदेशी अधिनियम के तहत फॉर्म-सी के माध्यम से यह रिपोर्टिंग अनिवार्य है।
श्रीनगर में नियमित जांच के दौरान ताइवान, इज़राइल, रूस, रोमानिया और स्पेन के नागरिक कई प्रतिष्ठानों में ठहरे पाए गए। एफआरओ रिपोर्टिंग में चूक के चलते राजबाग क्षेत्र के होटल ब्लॉसम, ग्रैंड एमएस और गोल्डन फॉरेस्ट के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। खानयार के खय्याम स्थित होटल खैबर, लाल बाजार में आईएमवाई होमस्टे और निशात क्षेत्र के एक गृहस्वामी के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है। आरोप है कि विदेशी मेहमानों की मौजूदगी छिपाई गई।
राम मुंशी बाग क्षेत्र में कई हाउसबोटों पर भी अनियमितताएं मिलीं। फ्लोटिंग कैसल में ताइवान, बेस्ट व्यू में रूस, क्रिस्टल पैलेस में रोमानिया और लेक पैलेस हाउसबोट में स्पेन के नागरिक बिना आवश्यक रिपोर्टिंग के ठहरे हुए पाए गए। पुलिस के अनुसार सभी मामलों की आगे जांच की जा रही है ताकि किसी बड़े नेटवर्क या सुरक्षा संबंधी पहलू का पता चल सके।
घाटी में पकड़ा गया चीनी नागरिक 19 नवंबर को पर्यटक वीजा पर नई दिल्ली पहुंचा था, जिसकी वैध यात्रा केवल चुनिंदा बौद्ध तीर्थस्थलों वाराणसी, आगरा, दिल्ली, सारनाथ और गया तक सीमित थी। वह 20 नवंबर को बिना एफआरओ पंजीकरण करवाए लेह पहुंच गया और ज़ांस्कर में तीन दिन रुका। 1 दिसंबर को वह श्रीनगर आया और बडगाम क्षेत्र के एक होमस्टे में ठहरा। पुलिस यह जांच कर रही है कि उसने वीजा नियमों की अवहेलना क्यों की और उसकी यात्रा का उद्देश्य क्या था।
वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विदेशी नागरिकों को ठहराने वाले सभी प्रतिष्ठानों को फॉर्म-सी दाखिल करने के नियम का कड़ाई से पालन करना होगा, अन्यथा कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


















