शकील अहमद
लखनऊ। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार तथा भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई), अहमदाबाद के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम का उद्घाटन मंगलवार को सरोज वेलफेयर फाउंडेशन, आलम नगर, लखनऊ में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ के. के. पाण्डेय (प्रबन्धक, डीआईसी लखनऊ), सौरभ खरै (निदेशक, जेएसएस-लखनऊ), सरोज त्रिपाठी (निदेशक, सरोज वेलफेयर फाउंडेशन) एवं ईडीआईआई के फैकल्टी पी. एन. श्रीवास्तव द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।
इस अवसर पर बताया गया कि भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान देशभर में उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। इसी क्रम में ईडीआईआई के उत्तर क्षेत्रीय कार्यालय, लखनऊ के अंतर्गत सरोज वेलफेयर फाउंडेशन, आलम नगर में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में कुल 65 महिला प्रतिभागियों ने सहभागिता की, जो संभावित उद्यमी अथवा स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्य हैं। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए जेएसएस-लखनऊ के निदेशक सौरभ खरै ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से जिले में उद्यमिता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर बेहतर उद्यमी के रूप में आगे आएंगी। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं समाज की रीढ़ हैं और उनके नेतृत्व में अनेक उद्यम सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। साथ ही महिलाओं को कौशल विकास के लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई।
डीआईसी लखनऊ के प्रबन्धक के. के. पाण्डेय ने प्रतिभागियों को जनपद में संचालित विभिन्न योजनाओं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना (PMEGP), मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (MYSY), माटी कला विकास योजना आदि की पात्रता, ऋण सीमा, आवेदन प्रक्रिया एवं विभागीय सहयोग की विस्तार से जानकारी दी।
वहीं ईडीआईआई के फैकल्टी पी. एन. श्रीवास्तव ने संस्थान के इतिहास और कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ईडीआईआई की स्थापना वर्ष 1983 में आईडीबीआई बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईएफसीआई, आईसीआईसीआई बैंक एवं अन्य वित्तीय संस्थानों द्वारा की गई थी।
यह संस्थान उद्यमिता विकास, प्रशिक्षण, शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में एक राष्ट्रीय संसाधन संगठन के रूप में कार्य कर रहा है। उन्होंने उद्यमी के गुण, उद्यमी बनने के लाभ और व्यवसायिक सोच विकसित करने के विषय में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।


















