रायबरेली। बीते कई महीनों से खीरों क्षेत्र में रिलायंस जिओ नेटवर्क की बदहाल स्थिति ने उपभोक्ताओं की परेशानियां बढ़ा दी हैं। हालात यह हैं कि जब तक बिजली रहती है, तब तक नेटवर्क किसी तरह काम करता है, लेकिन बिजली कटते ही मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवा पूरी तरह गायब हो जाती है।
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि नेटवर्क की इस लचर व्यवस्था ने रोजमर्रा के जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। ऑनलाइन कार्य, डिजिटल भुगतान, छात्रों की पढ़ाई और आपातकालीन कॉल जैसी जरूरी सेवाएं बिजली जाते ही ठप पड़ जाती हैं। इससे लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं में नाराजगी इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि एक ओर जहां रिचार्ज दरों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, वहीं दूसरी ओर सेवा की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है। लोगों का कहना है कि महंगे रिचार्ज के बावजूद भरोसेमंद नेटवर्क न मिलना सरासर अन्याय है।
सूत्रों के अनुसार, जिओ टावरों पर तैनात कर्मियों द्वारा बिजली कटते ही जनरेटर चालू नहीं किया जाता, जिससे डीज़ल की खपत बचाई जा सके। इसी कारण बिजली गुल होते ही नेटवर्क कमजोर या पूरी तरह बंद हो जाता है। यह लापरवाही उपभोक्ताओं के लिए दोहरी मार साबित हो रही है पैसा भी खर्च हो रहा है और सुविधा भी नहीं मिल रही।
क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग और कंपनी प्रबंधन से मांग की है कि टावरों की बैकअप व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए, ताकि बिजली कटौती के दौरान भी नेटवर्क सेवा निर्बाध रूप से जारी रह सके। लोगों का कहना है कि यदि स्थिति में शीघ्र सुधार नहीं हुआ, तो उपभोक्ताओं का आक्रोश और तेज हो सकता है।


















